गांधी मैदान से कचहरी होते समाहरणालय तक निकाला जुलूस संवाददाता, गया जी. केंद्र सरकार की ओर से मनरेगा के बुनियादी चरित्र को बदलने के खिलाफ वाम दलों ने देशव्यापी विरोध दिवस के तहत गया जी में जुलूस निकाला. गांधी मैदान से निकला जुलूस कचहरी होते समाहरणालय पहुंचा, जहां सभा का आयोजन हुआ. सभा को भाकपा माले जिला सचिव निरंजन कुमार, नगर प्रभारी तारिक अनवर, सीपीआइ के मो याहिया व सीपीएम के रामवृक्ष दास ने संबोधित किया. वक्ताओं ने कहा कि हम मनरेगा का नाम बदलने का कड़ा विरोध करते हैं, जिसे यूपीए सरकार ने वामपंथी पार्टियों के दबाव में लागू किया था. स्कीम का नाम महात्मा गांधी नरेगा से बदलकर वीबी-जी राम जी करना महात्मा गांधी का अपमान है. सरकार का तयशुदा रोजगार को 100 से बढ़ाकर 125 दिन करने का दावा एक और जुमला है. यह बिल जॉब कार्ड को संगठित करने के नाम पर ग्रामीण परिवारों के बड़े हिस्से को बाहर कर देता है. खेती के पीक सीजन के दौरान 60 दिनों तक रोजगार रोकने से ग्रामीण मजदूरों को उस समय काम नहीं मिलेगा, जब इसकी सबसे ज्यादा जरूरत होगी. फंडिंग पैटर्न में बदलाव का प्रस्ताव देकर केंद्र अपनी जिम्मेदारी राज्यों पर डाल रही है. वीबी-जी राम जी बिल वापस लेने, मनरेगा को सार्वभौमिक बनाकर मजबूत करने, न्यूनतम 200 दिनों के रोजगार की गारंटी करने इनकी मुख्य मांगों में शामिल हैं. इस कार्यक्रम में भाकपा माले से जिला कमेटी सदस्य रीता वर्णवाल, सुदामा प्रसाद, मो शेरजहां, ज्ञानी यादव, अंजुसा कुमारी, सिद्धनाथ सिंह, ईश्वर चौधरी, सीपीआइ से जिला मंत्री सीताराम शर्मा, राम जगन गिरी, अखिलेश कुमार, दयानंद वर्मा, सत्येंद्र सुमन, सीपीएम से जिला मंत्री पीएन सिंह, मो शमीम, सुल्तान अंसारी, कारू पासवान, सत्येंद्र प्रसाद, कुंती देवी, देवकी प्रसाद व अजय वर्मा शामिल रहे.
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