गया जी. मगध क्षेत्र के चिकित्सा इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है. गया के शुभकामना हार्ट हॉस्पिटल में पहली बार अत्याधुनिक ””लीडलेस पेसमेकर”” का सफल प्रत्यारोपण किया गया. वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ अमन सिन्हा ने इस जटिल प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कर गया को बड़े महानगरों की श्रेणी में खड़ा कर दिया है. लीडलेस पेसमेकर पारंपरिक पेसमेकर के विपरीत, यह तकनीक पूरी तरह वायरलेस (बिना तार की) है. डॉ अमन सिन्हा ने बताया कि यह सीधे हृदय के भीतर कैथेटर के माध्यम से लगाया जाता है. इसमें तार न होने और छाती में ””पॉकेट”” न बनाने के कारण इन्फेक्शन की संभावना नगण्य होती है. सर्जरी के बाद छाती पर कोई उभार या बड़ा निशान नहीं दिखता. ऑपरेशन छोटा होने के कारण मरीज बहुत जल्द चलने-फिरने में सक्षम हो जाता है. तार टूटने या खिसकने जैसी तकनीकी समस्याओं का डर नहीं रहता. यह उपलब्धि मगध क्षेत्र के उन मरीजों के लिए वरदान है जिन्हें संक्रमण का अधिक जोखिम रहता है. डॉ सिन्हा के अनुसार, शुभकामना हार्ट हॉस्पिटल विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ हृदय रोगियों को सर्वोत्तम उपचार देने के लिए प्रतिबद्ध है.
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