खाद की कालाबाजारी पर डीएम का हंटर, 13 दुकानों का लाइसेंस निलंबित, दो सील

जिले के झारखंड सीमावर्ती इलाकों में खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाये हैं. डीएम शशांक शुभंकर के निर्देश पर गठित एक विशेष टीम ने पूरे मार्च महीने में सघन औचक छापेमारी की.

गया जी. जिले के झारखंड सीमावर्ती इलाकों में खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाये हैं. डीएम शशांक शुभंकर के निर्देश पर गठित एक विशेष टीम ने पूरे मार्च महीने में सघन औचक छापेमारी की. इस अभियान के तहत गलत तरीके से उर्वरकों का व्यापार करने वाले 13 खुदरा विक्रेताओं पर गाज गिरी है और उनका लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है. डीएम शशांक शुभंकर ने मंगलवार को इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि छापेमारी के दौरान अनियमितता पाये जाने पर तीन अन्य दुकानदारों से स्पष्टीकरण (शो-कॉज) मांगा गया है. इसके अलावा, दो दुकानों में भारी गड़बड़ी मिलने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है और संबंधित अधिकारियों को उनके खिलाफ प्राथमिकी (एफआइआर) दर्ज करने का निर्देश दिया गया है.

जिले में खाद का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध

किसानों को आश्वस्त करते हुए डीएम ने बताया कि जिले में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है. किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए लगातार आपूर्ति की जा रही है. वर्तमान में जिले के अंदर यूरिया के 1,56,783 बैग, डीएपी के 61,080 बैग, एनपीके के 1,37,420 बैग और पोटाश के 19,178 बैग स्टॉक में सुरक्षित हैं. डीएम ने स्पष्ट किया कि कृषि विभाग द्वारा आगामी खरीफ सीजन में उर्वरक की सुगमता के लिए पर्याप्त मात्रा में भंडारण किया जा रहा है. मार्च महीने में हुई इस व्यापक छापेमारी और सख्त कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य खाद की कालाबाजारी पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाना और किसानों तक सही कीमत पर पर्याप्त स्टॉक पहुंचाना है.

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By PRANJAL PANDEY

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