हार्ट अटैक के मरीजों को सीपीआर देने की तकनीकी की रखें जानकारी

सीपीआर के प्रति जागरूकता के लिए स्वास्थ्य विभाग का चला अभियान

गया जी. भागदौड़ से भरी जिंदगी के साथ बदलाते लाइफस्टाइल, बदलते खानपान, शराब सेवन जैसी गलत आदतों ने हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ा दिया है. ऐसे में हार्ट अटैक के मरीजों के लिए जीवन रक्षक तकनीकों के बारे में जानकारी रखनी जरूरी है. सीपीआर यानि कॉर्डियो प्लमोनरी रिसससीटेशन एक महत्वपूर्ण तकनीक है जिसका उपयोग कर मरीज को बचाया जा सकता है. आमजन में सीपीआर के प्रति जागरूकता लाने का काम स्वास्थ्य विभाग की ओर से किया गया है. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 13 से 17 अक्टूबर तक पांच दिवसीय सीपीआर जागरूकता सप्ताह मनाया गया. इसका उद्देश्य आमजन को सीपीआर तकनीक के बारे में जागरूक करना था. सीपीआर विशेष जागरूकता अभियान के दौरान जिला अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी, एएनएम स्कूलों सहित सभी स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र, स्कूलों आदि में सत्रों का आयोजन कर आपातकालीन परिस्थितियों में हृदय गति रुकने जैसी स्थितियों में त्वरित सहायता प्रदान करने की क्षमता विकसित करने पर विशेष बल दिया गया. कार्यक्रम के आयोजन में गया जिले में संचालित नेशनल हेल्थ रिसर्च प्रायोरिटी प्रोजेक्ट, आइसीएमआर के मुख्य अन्वेषक डॉ प्रमोद कुमार सिन्हा, मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंतर्गत कार्यरत रिसर्च साइंटिस्ट सुश्री सृष्टि सिंह राठौर व डॉ आशीष कुमार का उल्लेखनीय योगदान रहा. इन लोगों द्वारा अपनी टीम के साथ मिलकर सीपीआर प्रशिक्षण की वैज्ञानिक रूपरेखा तैयार की गयी तथा विभिन्न केंद्रों पर प्रशिक्षण सत्रों को सुचारु रूप से संपन्न किया गया.

हार्ट अटैक के लक्षणों की रखें जानकारी

हार्ट अटैक के लक्षणों में अचानक बेहोश हो जाना, दिल की धड़कन तेज होना और पसीना आना, चक्कर आना या सिर चकराना व बहुत अधिक कमजोरी महसूस होना आदि है. बिना किसी गंभीर लक्षण के भी अचानक हार्ट अटैक हो सकता है. हार्ट अटैक में सीने में तेज दर्द, मतली व उल्टी, सांस लेने में तकलीफ आदि होते हैं. सबसे पहले मरीज को सपाट जगह पर लिटाना होगा. उसके बाद सीने के बीचोंबीच एक अंगूठे पर दूसरा अंगूठा लगाकर इतना जोर से कंप्रेशन करना है. कम से कम 10 सेंटीमीटर कंप्रेशन बने ताकि हार्ट दबे. कंप्रेशन यानि दबाव के साथ साथ माउथ-टू-माउथ वेंटिलेशन देना है. ऐसा भी कर सकते हैं कि एक व्यक्ति कंप्रेशन दे और दूसरा व्यक्ति वेंटिलेशन. इस प्रक्रिया को तब तक दोहराते रहें जबतक हार्ट फिर से काम न करे लगे या इमरजेंसी हेल्प ना आ जाये. एक मिनट में हार्ट को कम से कम 60 से 80 बार पंप करना है और 15 से 20 बार मुंह में सांस देनी है.

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Author: JITENDRA MISHRA

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