गया जी जिले के उपकारा शेरघाटी का शनिवार को अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (एसीजेएम) राजेश कुमार सिंह, एसडीजेएम आलोक कुमार तथा न्यायिक दंडाधिकारी शुभम किशोर ने संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण किया.
यह निरीक्षण दोपहर 1:30 बजे से शुरू होकर अपराह्न 3:25 बजे तक चला. इस दौरान न्यायिक अधिकारियों की टीम ने कारा परिसर के सभी वार्डों, पाकशाला (रसोईघर), अस्पताल, तरुण वार्ड, महिला कक्ष तथा वृद्ध बंदियों के लिए बने विशेष वार्डों का काफी बारीकी से जायजा लिया.
बंदियों से संवाद कर मुफ्त विधिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने विभिन्न वार्डों में जाकर बंदियों से सीधे बातचीत की और उनकी मूलभूत समस्याओं व सुविधाओं की जानकारी ली. अधिकारियों ने विशेष रूप से बंदियों से यह जानकारी मांगी कि उन्हें मुकदमों की पैरवी के लिए कानूनी सहायता हेतु अधिवक्ता उपलब्ध हैं या नहीं.
पूछताछ के दौरान जिन बंदियों के पास अपने अधिवक्ता नहीं थे, उनका तत्काल आवेदन लेकर 'अनुमंडल विधिक सेवा प्राधिकार, शेरघाटी' को उपलब्ध कराने का कड़ा निर्देश जेल अधीक्षक सतीश कुमार सिंह को दिया गया, ताकि उन सभी असहाय बंदियों को सरकारी स्तर पर निःशुल्क विधिक (कानूनी) सहायता प्रदान की जा सके.
भोजन, स्वास्थ्य व सफाई व्यवस्था पर जताया संतोष
न्यायिक अधिकारियों की टीम ने जेल में बंदियों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, स्वास्थ्य व चिकित्सा सुविधाओं, संचालित कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा परिसर की साफ-सफाई की व्यवस्था की गहन जांच की.
सघन निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने कारा प्रशासन द्वारा की गई समग्र व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया और बंदियों के कल्याण व सुधार से जुड़ी इन सुविधाओं को आगे भी नियमित बनाए रखने का निर्देश दिया.
इस अवसर पर उपकारा के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रघुनंदन कुमार, जेल उपाधीक्षक अखिलेश कुमार सिंह, सुनील कुमार सहित अन्य कारा कर्मी व सुरक्षा बल मुख्य रूप से उपस्थित रहे.
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