शिक्षा को आमजन की पहुंच में लाना समय की जरूरत : मांझी

गया न्यूज : मगध विश्वविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन का शुभारंभ

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मगध विश्वविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन का शुभारंभ

केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने किया उद्घाटन

वरीय संवाददाता, बोधगया.

मगध विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग में सोमवार से दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन का शुभारंभ हुआ. शिक्षा, विकास और सामाजिक परिवर्तन, चुनौतियां एवं संभावनाएं विषय पर केंद्रित इस अधिवेशन का आयोजन इंडियन सोशियोलॉजिकल सोसाइटी, बिहार सोशियोलॉजिकल सोसाइटी और मगध विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में किया गया है. इस प्रतिष्ठित अधिवेशन का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो एसपी शाही की अध्यक्षता में संपन्न हुआ. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री, गया के सांसद जीतनराम मांझी रहे. अपने उद्घाटन भाषण में उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश में अनेक सकारात्मक परिवर्तन हुए हैं, किंतु आज भी समाज के वंचित वर्गों को शिक्षा के समान अवसर नहीं मिल पाये हैं. शिक्षा को आमजन की पहुंच में लाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि मगध विश्वविद्यालय का शिक्षा के क्षेत्र में गौरवपूर्ण इतिहास रहा है और यहां से निकले छात्र-छात्राएं आज हरेक क्षेत्र में दुनियाभर में नाम कमा रहे हैं. विशिष्ट अतिथि के रूप में जेएनयू के प्रसिद्ध समाजशास्त्री प्रो आनंद कुमार ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने जिस स्वराज, लोकतंत्र और समावेशी विकास का सपना देखा था, अब समय आ गया है कि हम आत्ममंथन करें कि क्या हम उस राह पर सही दिशा में बढ़ रहे हैं.

उन्होंने समाजशास्त्रीय संवाद के ऐसे मंचों को सामाजिक विमर्श के लिए अत्यंत आवश्यक बताया. इंडियन सोशियोलॉजिकल सोसाइटी की अध्यक्ष व जेएनयू की पूर्व प्रोफेसर प्रो मैत्री चौधरी ने कहा कि बिहार सोशियोलॉजिकल सोसाइटी का यह दूसरा अधिवेशन समाजशास्त्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. इस मंच से बिहार की जमीनी सामाजिक समस्याओं पर गहन चर्चा संभव है. उन्होंने शिक्षा के बढ़ते निजीकरण और इससे उत्पन्न सामाजिक विषमता पर भी चिंता जतायी.

कार्ययोजना की दी जानकारी

बिहार सोशियोलॉजिकल सोसाइटी के अध्यक्ष प्रो बीरेंद्र कुमार ने संगठन की स्थापना, उद्देश्यों और भविष्य की कार्य योजनाओं की जानकारी दी. सचिव प्रो श्वेता प्रसाद, उपाध्यक्ष डॉ अजय कुमार, सचिव डॉ मो अकरम, कोषाध्यक्ष डॉ संगीत कुमार और आयोजन संयोजक व विभागाध्यक्ष प्रो दीपक कुमार ने अधिवेशन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभायी.

इनकी रही उपस्थिति

इस अवसर पर सीयूएसबी के प्रो अनिल झा, डॉ संपिका मोहपात्रा, डॉ जितेंद्र राम, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय की प्रो हीना तबस्सुम, डॉ वीणा कुमारी समेत राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्राध्यापकों, शोधार्थियों और समाजशास्त्र के विद्यार्थियों की उपस्थिति ने आयोजन को गरिमा प्रदान की. यह दो दिवसीय अधिवेशन शिक्षा, विकास और सामाजिक परिवर्तन के अंतर संबंधों पर आधारित समसामयिक मुद्दों, नीतियों और सामाजिक संरचनाओं पर विमर्श करेगा, जिससे समाजशास्त्रीय सोच को नयी दिशा मिलने की आशा है.

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Published by: Kalendra pratap singh

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