नयी शिक्षा नीति- 2020 के उपयोग की दी जानकारी

मगध विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग में संगोष्ठी का आयोजन

मगध विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग में संगोष्ठी का आयोजन

वरीय संवाददाता, बोधगया.

मगध विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग में मंगलवार को शिक्षा संगोष्ठी का आयोजन किया गया. इसका विषय रीमेनिंग हायर एजुकेशन एंड रिसर्च अंडर में एनइपी- 2020 : बिल्डिंग कल्चर ऑफ इनोवेशन, ऑटोनॉमी एंड ग्लोबल एक्सीलेंस था. इसका मुख्य उद्देश्य अन्वेषण को भूमंडलीकरण की नयी शिक्षा नीति- 2020 में प्रयोग करना है. संगोष्ठी का उद्घाटन मगध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर शशि प्रताप शाही ने किया. मंच का संचालक व संगोष्ठी के संयोजक डॉ मुसर्रत जहां थीं. अतिथि वक्ता में पटना विश्वविद्यालय से प्रो ललित कुमार, तिलका मांझी, भागलपुर विश्वविद्यालय से प्रोफेसर राकेश कुमार, बसंतिया झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय, रांची से प्रोफेसर तपन कुमार, दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय गया से प्रोफेसर रविकांत व कॉलेज आफ टीचर एजुकेशन की प्राचार्य डॉ गीता पांडे थीं. मुख्य वक्ता प्रोफेसर ललित कुमार ने एनइपी की अनुशंसा को बताया व विश्वविद्यालय के संरचना के स्तर को भी प्रकाशित किया. प्रोफेसर राकेश कुमार ने शिक्षा के चार महत्वपूर्ण स्तंभों की चर्चा की. प्रोफेसर बसंतिया व प्रोफेसर गीता पांडे ने पीटी के माध्यम से वक्तव्य दिया, जबकि प्रोफेसर रविकांत ने एनइपी-2020 के वास्तविकता से सभी को अवगत कराया. संगोष्ठी का समापन राष्ट्रगान से किया गया. मौके पर शिक्षा विभाग के बीएड, एमएड व पीएचडी के छात्र व शोधार्थी उपस्थित रहे. संगोष्ठी के सफल आयोजन पर शिक्षा विभाग के निदेशक प्रोफेसर सुशील कुमार सिंह ने आभार व्यक्त किया. विभाग के सभी बीएड व एमएड के शिक्षक व कर्मचारी उपस्थित रहे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By KALENDRA PRATAP SINGH

KALENDRA PRATAP SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >