IIM Bodh Gaya Convergence 3.0 : आईआईएम बोधगया ने रविवार को अपने प्रमुख हेल्थकेयर समिट ‘कन्वर्जेन्स 3.0’ का आयोजन किया. इस अवसर पर उद्योग जगत के दिग्गजों, स्वास्थ्य क्षेत्र के पेशेवरों और विशेषज्ञों ने एक मंच पर आकर द नेक्स्ट फ्रंटियर ऑफ हेल्थकेयर: परिवर्तन का नेतृत्व, क्षमताओं का निर्माण और प्रभाव का विस्तार विषय पर विचार-विमर्श किया.
समिट के दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र में नेतृत्व और रणनीतिक परिवर्तन, स्वास्थ्य क्षेत्र के कार्यबल का भविष्य प्रतिभा, कौशल और संगठनात्मक परिवर्तन तथा स्वास्थ्य सेवा में डिजिटल परिवर्तन, जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई. इन सत्रों में स्वास्थ्य क्षेत्र की बदलती आवश्यकताओं, उभरती चुनौतियों और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं सशक्त बनाने के लिए आवश्यक क्षमताओं पर विस्तार से विचार किया गया.
संस्थान की प्रतिबद्धता
कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना के साथ हुई, जिसके बाद पारंपरिक दीप प्रज्वलन किया गया. आईआईएम बोधगया की निदेशक प्रो. विनिता एस सहाय ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए संस्थान की यात्रा और विद्यार्थियों की आकांक्षाओं को पूरा करने के प्रति उसकी जिम्मेदारी पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की आंखों में बड़े सपनों की चमक होती है और उन आकांक्षाओं को पूरा करना हमारी जिम्मेदारी है.
स्वास्थ्य क्षेत्र में रणनीतिक परिवर्तन
एमबीए (हॉस्पिटल एंड हेल्थकेयर मैनेजमेंट) की चेयरपर्सन प्रो. स्वप्नराग स्वैन ने स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच स्वास्थ्य सेवाओं को नए दृष्टिकोण से देखने की आवश्यकता पर जोर दिया. उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने अस्पतालों से आगे बढ़कर व्यापक स्वास्थ्य सेवा पारिस्थितिकी तंत्र पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रतिभा, संपर्क, बुनियादी ढांचे और शैक्षणिक व्यवस्था के कारण बिहार में स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं.
पैनल चर्चा और सत्र
पहले पैनल में स्वास्थ्य सेवा में नेतृत्व, दृष्टि, प्रशासन एवं रणनीतिक परिवर्तन पर चर्चा की गई. दूसरे पैनल में स्वास्थ्य सेवा कार्यबल का भविष्य, प्रतिभा, कौशल एवं संगठनात्मक परिवर्तन विषय पर विचार-विमर्श हुआ. तीसरे पैनल में हेल्थकेयर में डिजिटल परिवर्तन, नवाचार, इंटेलिजेंस और प्रभाव का विस्तार विषय पर आयोजित सत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और डिजिटल तकनीकों की भूमिका पर चर्चा की गई.
प्रौद्योगिकी और भविष्य की रूपरेखा
कन्वर्जेंस 3.0 में बिजनेस, बीडीएस, फिजियोथेरेपी और इंजीनियरिंग जैसे विविध शैक्षणिक एवं पेशेवर पृष्ठभूमि से आए प्रतिभागियों ने भाग लिया. सत्रों के दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच, कार्यबल की क्षमताओं और डिजिटल परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई, जिससे प्रतिभागियों को स्वास्थ्य प्रबंधन के क्षेत्र की व्यावहारिक समझ मिली.
