वेतनमान पर ठोस निर्णय न होगा तब नोटा में वोट करेंगे अनुदानित शिक्षाकर्मी

एमयू के दीक्षांत समारोह के वक्त गिरफ्तारी देने का किया निर्णय

फोटो- गया बोधगया 215- बैठक में शामिल बिहार राज्य संबद्ध डिग्री महाविद्यालय शिक्षक – शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारी

एमयू के दीक्षांत समारोह के वक्त गिरफ्तारी देने का किया निर्णयवरीय संवाददाता, बोधगया

बिहार राज्य संबद्ध डिग्री महाविद्यालय शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ के बैनर तले मगध विश्वविद्यालय कमेटी के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ कुमार राकेश कानन की अध्यक्षता में बिहार सरकार द्वारा शिक्षा कमेटी बनने के उपरांत एक समीक्षा बैठक की गयी. बैठक में काफी संख्या में शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारी शामिल हुए. बैठक में निर्णय किया गया कि प्रत्येक महाविद्यालय के शिक्षाकर्मी पक्ष-विपक्ष के नेता एवं मंत्री को विरोध स्वरूप वेतनमान को लेकर मांग पत्र दिया जाये. बिहार सरकार द्वारा बनायी गयी कमेटी अगर 31 अक्तूबर तक वेतनमान के संदर्भ में कोई उचित निर्णय नहीं लिया, तो अनुदानित शिक्षाकर्मी नोटा में वोट देने के लिए मजबूर हो जायेंगे. दीपावली तक मगध विश्वविद्यालय द्वारा 2017 का अनुदान की राशि निर्गत नहीं किया तथा स्नातक स्तरीय कॉपी मूल्यांकन का पारिश्रमिक भुगतान नहीं किया गया तब दीक्षांत समारोह के अवसर पर कुलाधिपति सह राज्यपाल के समक्ष सैकड़ों की संख्या में शिक्षाकर्मी जेल भरो अभियान के तहत अपना गिरफ्तारी देंगे. बैठक को प्रदेश सचिव प्रो बांके बिहारी शर्मा, मगध विश्वविद्यालय कमेटी के सचिव प्रो संजय कुमार पांडेय, नवादा जिलाध्यक्ष डॉ नरेंद्र सिंह, प्रो राधेश्याम शर्मा, प्रो सुनील कुमार पांडेय, प्रो निजेंद्र कुमार मुन्ना, प्रो विश्वजीत कुमार, प्रो राम उदय चंद्र ठाकुर, प्रो पवन कुमार यादव, डॉ अमरेंद्र कुमार सिंह, डॉ मृदुला कुमारी, डॉ ममता कुमारी, डॉ कलामुद्दीन, अरुण कुमार एवं वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से महासचिव सह कार्यकारी अध्यक्ष प्रो लालसा कुमारी व अन्य नेताओं ने संबोधित किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By KALENDRA PRATAP SINGH

KALENDRA PRATAP SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >