नवजात की मौत के बाद शेरघाटी अस्पताल में सन्नाटा, प्रसव सेवाएं प्रभावित

अस्पताल की प्रसूता व नवजात शिशु देखभाल इकाई के सभी बेड खाली

अस्पताल की प्रसूता व नवजात शिशु देखभाल इकाई के सभी बेड खाली प्रतिनिधि, शेरघाटी. शेरघाटी अनुमंडलीय अस्पताल में इन दिनों प्रसव सेवाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. हालात यह है कि अस्पताल के प्रसूता और नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) के सभी बेड लगभग खाली पड़े हैं और प्रसव के लिए मरीजों की संख्या नगण्य हो गयी है. यह स्थिति पिछले पखवारे प्रसव के बाद नवजात की मौत के मामले में हुए हंगामे के बाद उत्पन्न हुई है. अस्पताल में कार्यरत ममता कर्मियों का कहना है कि इस घटना के बाद गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों के बीच भय का माहौल बन गया है. लोग अस्पताल में प्रसव कराने से बच रहे हैं और अन्य निजी या निजी स्वास्थ्य केंद्रों की ओर रुख कर रहे हैं. इसका सीधा असर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा है. वहीं, अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ की कमी के कारण सिजेरियन ऑपरेशन भी फिलहाल बंद है. इस वजह से गंभीर मामलों को रेफर करना पड़ रहा है. अस्पताल के विभिन्न वार्डों में सन्नाटा पसरा है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं. अब जरूरत है कि स्वास्थ्य विभाग त्वरित पहल कर व्यवस्था में सुधार करे और मरीजों का भरोसा दोबारा बहाल करे, ताकि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिल सके. बता दें कि घटना के बाद सिविल सर्जन डॉ राजाराम प्रसाद ने अस्पताल का दौरा किया था और कर्मियों एवं चिकित्सकों को चिकित्सा व्यवस्था में सुधार लाने का दिशा निर्देश भी दिया था.

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