Gaya News : विष्णुपद मंदिर के सौंदर्यीकरण व विकास पर राज्य सरकार 61 करोड़ करेगी खर्च

तैयारी.नक्शा व प्रारूप बनकर तैयार, केंद्र सरकार के कॉरिडोर पर भी चल रहा काम

गया जी. केंद्र के साथ-साथ राज्य सरकार भी गया जी को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए लगातार प्रयत्नशील है. विष्णुपद मंदिर के बुनियादी ढांचे में सुधार, पर्यटन को बढ़ावा देने व मंदिर की विरासत को संरक्षित करने के लिए विकास की आवश्यकता पर पर्यटन विभाग द्वारा जोर दिया गया है. इस उद्देश्य के तहत केंद्र सरकार ने जहां विष्णुपद कॉरिडोर बनाने की घोषणा की है. वहीं बिहार सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा विष्णुपद मंदिर के जीर्णोद्धार व सौंदर्यीकरण को लेकर 6196.78 (61 करोड़) लाख रुपये खर्च किया जा रहा है. पर्यटन विभाग द्वारा विकास योजनाओं से जुड़े नक्शे व प्रारूप बना लिया गया है. पर्यटन विभाग के जूनियर इंजीनियर व विष्णुपद सौंदर्यीकरण का काम देख रहे शशि भूषण प्रसाद ने बताया कि गया जी के जिलाधिकारी के साथ 26 मई को आयोजित बैठक के बाद काम की नीति तैयार की जायेगी. इस परियोजना में दो क्षेत्रों का होगा विकास इस परियोजना से विष्णुपद मंदिर सहित दो क्षेत्रों का विकास कराया जायेगा. विकास कार्यों में विष्णुपद मंदिर के साथ-साथ मंदिर के सामने एक आगंतुक सुविधा केंद्र का निर्माण, फल्गु नदी के पास मंदिर के लिए एक भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण, घाट से आगंतुक सुविधा केंद्र तक 140 फुट चौड़े मार्ग का निर्माण, शौचालय और चेंज रूम के तीन सेट, पर्यटक सुविधा केंद्र परिसर, पर्यटक सुविधा केंद्र परिसर के तहत एक पर्यटक सुविधा केंद्र, बस स्टैंड का निर्माण, लगभग 1.28 एकड़ भूमि का विकास, बस स्टैंड से फल्गु घाट पार्किंग क्षेत्र की ओर जाने वाली अन्य संरचनाओं का निर्माण मुख्य रूप से शामिल है. विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल बनाने में मिल सकती है मदद विष्णुपद मंदिर हर साल लाखों पर्यटकों व भक्तों को आकर्षित करता है. विकास से इस क्षेत्र को विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल बनाने में मदद मिल सकती है. इस परियोजना से पर्यटन, रोजगार व सांस्कृतिक संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा. बेहतर सड़क व बुनियादी ढांचे से पहुंच-पथ में सुधार हो सकता है और आगंतुकों को लाभ मिल सकता है. बनाये जायेंगे एक साथ जुड़े तीन प्रवेश द्वार इस परियोजना के तहत एक साथ जुड़े तीन प्रवेश द्वार बनाये जायेंगे. मध्य द्वार की कुल उंचाई लगभग 14 मीटर है और दोनों ओर की ऊंचाई लगभग एक मीटर कम होगी. सभी द्वार सैंडस्टोन व जीआरसी से ढका रहेगा जिस पर डिजाइन व नक्काशी होगी. इसके अलावा भी इस परियोजना के तहत विकास व सौंदर्यीकरण से जुड़े कई अन्य काम कराये जायेंगे. तीर्थयात्रियों व श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रबंधन ने दिये सुझाव विष्णुपद कॉरिडोर निर्माण का सर्वे करने पहुंची भारत सरकार की टीम की मांग पर श्रीविष्णुपद प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष द्वारा तीर्थयात्रियों व श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े कई सुझाव दिये गये. समिति के अध्यक्ष शंभू लाल विट्ठल द्वारा दिये गये सुझावों में गया स्टेशन को विष्णुपद मंदिर से जोड़ने वाली सड़कों के साथ-साथ बाइपास से विष्णुपद तक, कोयरीबारी से विष्णुपद तक, गेवाल बिगहा से चांद चौरा होते हुए विष्णुपद तक की सड़क को चौड़ा करने, मंदिर के पास मांस बाजार को हटाने, श्मशान घाट बाईपास रोड पर खासकर घाटों के पास बाइक व इ-रिक्शा के प्रवेश व पड़ाव को प्रतिबंधित करने, पिंडदान के लिए इस्तेमाल किये जाने वाले घाट क्षेत्रों को वाहनों की उचित पहुंच व बुनियादी सुविधाओं के साथ और विकसित करने, विष्णुपद के बाहरी परिसर स्थित बाजार व विक्रेताओं को नये निर्धारित स्थान पर स्थानांतरित करने, विकास योजना में 25 बिस्तरों वाला अस्पताल व मौजूदा शौचालय सुविधाओं का रखरखाव शामिल करने, 80 बसों व 300 चार पहिया वाहनों के लिए पार्किंग के साथ 1000 इमारत का निर्माण शामिल है, समिति के सदस्यों के अनुसार, इस परियोजना को पूरा होने में चार साल लगने की उम्मीद है.

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Author: PANCHDEV KUMAR

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