गया जी के इस गांव में थोड़ी सी बारिश बनी आफत, सड़क पर बह रहा नाली का गंदा पानी, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

Gaya Waterlogging: गया जी के गुरुआ प्रखंड स्थित एरुर गांव में नाली व्यवस्था नहीं होने से गंदा पानी सड़क पर बह रहा है. ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है.

गया जी से डॉ. प्रमोद कुमार वर्मा की रिपोर्ट
Gaya Waterlogging: गया जिले के गुरुआ प्रखंड स्थित एरुर गांव में नाली की समुचित व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है . गांव की मुख्य सड़क पर लगातार गंदा पानी बह रहा है, जिससे राहगीरों, स्कूली बच्चों और स्थानीय लोगों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. हल्की बारिश के बाद स्थिति और भी गंभीर हो जाती है.

क्या है पूरा मामला

एरुर गांव में लंबे समय से जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है. नाली नहीं होने के कारण घरों और आसपास का गंदा पानी सीधे मुख्य सड़क पर बह रहा है. इससे सड़क की स्थिति खराब होती जा रही है और लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है.

बारिश होते ही क्यों बढ़ जाती है परेशानी?

ग्रामीणों के अनुसार, हल्की बारिश के बाद ही सड़क पर पानी जमा होने लगता है. कई जगहों पर कीचड़ और जलजमाव की स्थिति बन जाती है. ऐसे में पैदल चलना मुश्किल हो जाता है और दोपहिया वाहन चालकों को दुर्घटना का खतरा बना रहता है.

स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को हो रही सबसे ज्यादा दिक्कत

सड़क पर फैले गंदे पानी का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर पड़ रहा है. रोजाना स्कूल जाने वाले बच्चों को गंदे पानी और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है. वहीं बुजुर्गों को फिसलने का डर सताता रहता है.

संक्रामक बीमारियों का भी बढ़ रहा खतरा

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर बह रहे गंदे पानी से दुर्गंध फैल रही है. इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है. लोगों को चिंता है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं.

ग्रामीणों ने प्रशासन से क्या मांग की?

स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बार संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया गया है. इसके बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया. ग्रामीणों ने नाली निर्माण और बेहतर जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है.

प्रशासन ने क्या कहा?

इस मामले पर प्रखंड विकास पदाधिकारी सद्दाम हुसैन ने कहा कि समस्या की जानकारी मिली है. उन्होंने बताया कि पंचायत सचिवों की हड़ताल के कारण कुछ विकास कार्य प्रभावित हुए हैं. हालांकि प्रशासन जल्द ही समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाएगा.

आगे क्या होगा?

ग्रामीण अब प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं. यदि जल्द नाली निर्माण और जल निकासी की व्यवस्था नहीं हुई तो बरसात के मौसम में एरुर गांव की स्थिति और गंभीर हो सकती है. स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन इस समस्या का स्थायी समाधान निकालेगा.

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By Sakshi Kumari

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