गया नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल सातवें दिन भी जारी रहने से गया शहर में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. शहर की सड़कों पर 3500 टन से अधिक कचरा जमा हो चुका है. लगातार बारिश और कचरा उठाव बंद रहने के कारण अब पूरे शहर में दुर्गंध फैलने लगी है. लोगों का कहना है कि यदि जल्द सफाई नहीं हुई तो संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाएगा.
वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से लोगों में नाराजगी
शहरवासियों का आरोप है कि हड़ताल के दौरान नगर निगम की ओर से कचरा उठाने की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई. विशेष रूप से विष्णुपद क्षेत्र में कचरे के साथ बड़ी मात्रा में गाय का गोबर भी सड़क किनारे जमा है. इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
दुर्गंध और मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से चिंता
स्थानीय लोगों का कहना है कि एक सप्ताह से कचरा नहीं उठने और लगातार बारिश के कारण सड़कों पर दुर्गंध फैल गई है. जगह-जगह कचरा जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है. लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद शहर की सफाई व्यवस्था बदहाल है और अधिकारी इस गंभीर स्थिति पर ध्यान नहीं दे रहे हैं.
मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रखने का ऐलान
सफाई कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि तीन सूत्री मांगों के साथ-साथ स्थानीय मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने तक वे काम पर नहीं लौटेंगे. कर्मचारियों ने हड़ताल के समर्थन में नगर निगम स्टोर से राष्ट्रगान के साथ रैली निकाली, जो शहर के विभिन्न चौक-चौराहों से होते हुए निगम कार्यालय पहुंची.
रैली में नेताओं ने सरकार और निगम से की पहल की मांग
निगम कार्यालय में आयोजित सभा को यूनियन नेता शिव वचन शर्मा, श्यामलाल, डॉ. कुमार जितेंद्र, संजीत सिंह, सुजीत कुमार, सुमन कुमार सिंह, शंकर ठाकुर और मीरा मिश्रा ने संबोधित किया. नेताओं ने कहा कि जब तक कर्मचारियों की मांगों पर ठोस पहल नहीं होती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी. वहीं शहरवासी भी जल्द समाधान निकालने और सफाई व्यवस्था बहाल करने की मांग कर रहे हैं.
