Gaya News: लगभग 7 करोड़ की लागत से गयाजी में बन रहा रोप-वे, प्रेतशिला पर चढ़ाई होगी अब आसान

Gaya News: गया धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण स्थल है जहां हर दिन हजारों श्रद्धालु पिंडदान के लिए पहुंचते हैं. प्रेतशिला पहाड़ी पर बिहार सरकार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रोप-वे बना रही है. कुछ कारणों से इसके निर्माण में देरी हुई. अब उम्मीद जताई जा रही है कि पितृपक्ष तक इसका काम पूरा हो जाये.

Gaya News: गया में हर दिन बड़ी संख्या में पिंडदानी अपने पितरों की मुक्ति के लिए पिंडदान करने आते हैं. यहां स्थित 54 पिंडवेदियों में प्रेतशिला का विशेष महत्व है. पितृपक्ष के दौरान तो यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं. पिंडदानियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार प्रेतशिला पहाड़ी पर रोप-वे का निर्माण करा रही है.

2024 में ही पूरा करना था काम

इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का जिम्मा बिहार राज्य पुल निर्माण निगम को दिया गया है. रोप-वे बन जाने के बाद श्रद्धालुओं को प्रेतशिला पहाड़ी की 676 सीढ़ियां चढ़कर नहीं जाना पड़ेगा. इस काम को पितृपक्ष मेला 2024 से पहले पूरा करने की योजना थी, लेकिन तकनीकी दिक्कतों की वजह से काम अब तक पूरा नहीं हो सका.

काम कर रहे लोगों के मुताबिक निर्माण के दौरान रास्ते में एक सख्त चट्टान आ गई थी. इसमें छेद करना बेहद मुश्किल था. इसी कारण काम महीनों तक रुका रहा. बाद में रोप-वे के रास्ते में थोड़ा बदलाव कर काम दोबारा शुरू किया गया.

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रोप-वे की खासियत

यह रोप-वे 283 मीटर लंबा बनाया जा रहा है. इससे श्रद्धालु सीधे पहाड़ी की चोटी तक आसानी से पहुंच सकेंगे. इसमें छह केबिन होंगे और हर केबिन में चार सीटें रहेंगी. यानी एक बार में 24 यात्री ऊपर-नीचे आ-जा सकेंगे. लगभग 6.95 करोड़ रुपये की लागत से यह रोप-वे बन रहा है.

इस प्रोजेक्ट से जुड़े सीनियर ने बताया कि अब काम तेजी से चल रहा है और उम्मीद है कि पितृपक्ष से पहले श्रद्धालु इसका लाभ ले सकेंगे. रोप-वे चालू होने से न केवल पिंडदानियों को राहत मिलेगी, बल्कि आम टूरिस्ट भी प्रेतशिला पहाड़ी पर आसानी से पहुंच पाएंगे.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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