गया जी : बारिश में भींगे फर्श पर पढ़ते हैं बच्चे, 1940 से नहीं मिला स्कूल को अपना भवन और जमीन

गया के इमलियाचक प्राथमिक विद्यालय के 62 बच्चे आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में पढ़ाई करने को मजबूर हैं. 75 साल से स्कूल को अपना भवन और जमीन नहीं मिला है, जिससे तेज धूप और बारिश में खुले में बैठकर पढ़ना पड़ रहा है. विभाग को कई बार सूचित करने के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं हुई है.

Gaya Primary School News : गया जी नगर निगम दक्षिणी क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय इमलियाचक के नौनिहाल आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में पढ़ाई करने को मजबूर हैं. विद्यालय के पास न तो अपना भवन है और न ही अपनी जमीन.

बारिश के दिनों में खुले आसमान के नीचे भींगे फर्श और दरी पर बच्चों की कक्षाएं संचालित करनी पड़ रही हैं.

मंदिर परिसर में चल रहा विद्यालय

वर्ष 1940 में स्थापना के बाद से ही भवन व भूमि के अभाव में इसका संचालन मंदिर परिसर में हाउसिंग बोर्ड की खाली पड़ी जमीन पर किया जा रहा है.

वर्तमान सत्र में विद्यालय में कुल 62 बच्चे नामांकित हैं, जो तेज धूप और बारिश के बीच खुले में बैठकर पढ़ने को विवश हैं.

शौचालय और पेयजल की भी किल्लत

विद्यालय में शौचालय और पेयजल की व्यवस्था भी नहीं है. इसके कारण बच्चों के साथ-साथ शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. इसके अलावा विद्यालय सामग्री के रखरखाव और वर्ग संचालन में भी कठिनाइयां आती हैं.

विभाग को दी गई कई बार सूचना

प्रधान शिक्षक इन्द्रेश कुमार रौशन ने बताया कि विद्यालय भवन निर्माण और बच्चों की समस्याओं के संबंध में कई बार विभाग को सूचना दी जा चुकी है. हालांकि इसके बावजूद अब तक प्रशासन और विभाग की ओर से कोई ठोस पहल नहीं हुई है.

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जल्द भवन निर्माण कराने की मांग

प्रधान शिक्षक ने कहा कि बच्चों के हित और भयमुक्त वातावरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए विद्यालय भवन का निर्माण जल्द कराया जाना जरूरी है. स्थानीय लोगों और शिक्षकों ने प्रशासन से अविलंब भूमि व भवन उपलब्ध कराने की मांग की है.

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By हरिबंश कुमार

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