पितृपक्ष मेला 2026 को लेकर गया में तैयारियां तेज, सुरक्षा से लेकर स्वास्थ्य तक पुख्ता इंतजाम

Pitru Paksha Mela 2026 : गया में पितृपक्ष मेले की शुरुआत से पहले प्रशासन ने कमर कस ली है. चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा, चकाचक घाट, बेहतर स्वास्थ्य और यातायात व्यवस्था पर ज़ोर दिया जा रहा है. जानें क्या हैं ख़ास इंतज़ाम.

Pitru Paksha Mela 2026 Gaya Ji : पितरों की शांति और मोक्ष की कामना लेकर गया पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए पितृपक्ष मेला 2026 का आयोजन 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक होगा. देश-विदेश से बड़ी संख्या में पिंडदानी गया पहुंचते हैं. श्रद्धालुओं की सुविधा और मेला के सुचारु संचालन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. मेला की व्यवस्थाओं के लिए 21 अलग-अलग कोषांगों का गठन किया गया है.

पितृपक्ष मेला 2026 के लिए 21 कोषांग गठित

पितृपक्ष मेला को लेकर जिला प्रशासन की ओर से आवासन, स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य, विद्युत, (Pitru Paksha Mela Gaya) यातायात, सुरक्षा, सूचना प्रबंधन और आपदा प्रबंधन सहित अलग-अलग व्यवस्थाओं के लिए 21 कोषांग बनाए गए हैं. संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने विभाग की तैयारियां समय पर पूरी करने की जिम्मेदारी दी गई है.

सुरक्षा व्यवस्था के लिए सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी

मेला के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए (Pitru Paksha Mela Gaya) सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी तैयारी की जा रही है. मेला क्षेत्र में अस्थायी सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन कैमरे लगाने की योजना है. प्रमुख स्थानों पर पुलिस शिविर बनाए जाएंगे और दंडाधिकारी तथा पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती की जाएगी. महिला और पुरुष पुलिस बल की भी व्यवस्था की जाएगी.

पिंडदान स्थलों पर सुरक्षा को लेकर विशेष तैयारी

पिंडदान से जुड़े प्रमुख स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है. प्रशासन की ओर से वैतरणी सरोवर सहित कई पिंडदान स्थलों का निरीक्षण किया गया है. वैतरणी सरोवर में पानी की गहराई (Gaya Mela 2026) को देखते हुए बैरिकेडिंग और लाल झंडे लगाने के निर्देश दिए गए हैं. सरोवर की सफाई, सीढ़ियों से काई हटाने और क्षतिग्रस्त टाइलों की मरम्मत के निर्देश भी दिए गए हैं.

श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए आवासन की व्यवस्था

बाहर से आने वाले पिंडदानियों के ठहरने के लिए होटल, धर्मशाला, गेस्ट हाउस, विद्यालय, महाविद्यालय और अन्य चिन्हित भवनों में आवासन की व्यवस्था की जाएगी. जरूरत के अनुसार टेंट सिटी भी विकसित की जाएगी. आवासन स्थलों पर पेयजल, शौचालय, प्रकाश, पंखे और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है. महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था की जाएगी.

स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बनाए जाएंगे शिविर

पितृपक्ष मेला के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे. इन शिविरों में चिकित्सक और पैरामेडिकल (Gaya Pind Daan 2026) कर्मियों की व्यवस्था की जाएगी. जरूरी दवाएं और चिकित्सा उपकरण उपलब्ध रखने के साथ एंबुलेंस की व्यवस्था भी की जाएगी. गंभीर स्थिति में मरीजों को बेहतर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था रहेगी.

पेयजल और स्वच्छता पर प्रशासन का जोर

मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाएगी. पुराने चापाकलों की मरम्मत कराने के साथ जरूरत के अनुसार पानी के टैंकर उपलब्ध कराने की तैयारी है. मेला क्षेत्र और प्रमुख पिंडदान स्थलों पर अस्थायी शौचालय भी बनाए जाएंगे. प्रमुख मार्गों, घाटों और सार्वजनिक स्थलों की नियमित सफाई पर विशेष जोर रहेगा.

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यातायात और पार्किंग व्यवस्था होगी बेहतर

मेला के दौरान गया में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने की तैयारी है. पार्किंग स्थलों को चिन्हित किया जाएगा और प्रमुख स्थानों पर पुलिस सहायता केंद्र बनाए जाएंगे. रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से प्रमुख धार्मिक स्थलों तक श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने की व्यवस्था की जाएगी.

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सड़क और बिजली व्यवस्था को किया जाएगा दुरुस्त

मेला क्षेत्र की प्रमुख सड़कों और संपर्क मार्गों की मरम्मत कराने की तैयारी है. जल निकासी व्यवस्था को भी बेहतर किया जाएगा. खराब ट्रांसफॉर्मर, जर्जर बिजली तार और पोल की मरम्मत के साथ (Pitru Paksha Mela Preparation) जरूरत के अनुसार अतिरिक्त स्ट्रीट लाइट और हाईमास्ट लाइट लगाने की योजना है.

सूचना केंद्र और नियंत्रण कक्ष की होगी व्यवस्था

श्रद्धालुओं की सहायता के लिए प्रमुख स्थानों पर सूचना केंद्र और हेल्प डेस्क बनाए जाएंगे. 24 घंटे नियंत्रण कक्ष और कॉल सेंटर संचालित करने की तैयारी है. खोया-पाया केंद्र के माध्यम से बिछड़े श्रद्धालुओं को उनके परिजनों से मिलाने की व्यवस्था भी की जाएगी. मेला से जुड़ी जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए वेबसाइट और मोबाइल ऐप को भी अपडेट किया जाएगा.

धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी तैयारी

पितृपक्ष मेला के दौरान विष्णुपद मंदिर परिसर और अन्य निर्धारित स्थानों पर धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. जिला प्रशासन की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रस्तुति देने वाले कलाकारों से आवेदन भी आमंत्रित किए गए हैं.

समय पर तैयारी पूरी करने में जुटा प्रशासन

पितृपक्ष मेला गया के लिए धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण आयोजन है. इस दौरान बड़ी संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु पिंडदान के लिए पहुंचते हैं. ऐसे में प्रशासन का (Pitru Paksha Mela 2026) जोर सुरक्षा, आवासन, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल, बिजली और यातायात सहित सभी जरूरी सुविधाओं को समय पर तैयार करने पर है. मेला शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाओं को पूरा करने के लिए संबंधित विभागों को जिम्मेदारी दी गई है.

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