Gaya News: गया में घूसखोर बीडीओ रंगे हाथ गिरफ्तार, 70 हजार रुपया लेते हुए अन्वेषण ब्यूरो ने दबोचा

Gaya News: पटना अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने गया जिले में बीडीओ राहुल रंजन कुमार को 70 हजार रुपया रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है.

Gaya News: बिहार के गया जिले के फतेहपुर प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) राहुल रंजन कुमार को 70 हजार रुपया रिश्वत लेते रंगे हाथ गया सदर अनुमंडल शिकायत निवारण कार्यालय के समीप अन्वेषण ब्यूरो पटना के पदाधिकारी ने गिरफ्तार किया है. इस संबंध में अन्वेषण ब्यूरो पटना के पुलिस उपाधीक्षक पवन कुमार ने बताया कि गया जिले के फतेहपुर प्रखंड के बीडीओ राहुल रंजन कुमार को निगरानी विभाग अन्वेषण ब्यूरो पटना के टीम के साथ 70 हजार रुपया के साथ रंगे हाथ रिश्वत लेते गिरफ्तार किए गए हैं. फतेहपुर प्रखंड के उप प्रमुख रणधीर प्रसाद उर्फ रणधीर यादव से बीडीओ द्वारा योजना के नाम पर पैसा की मांग की गई थी. बीडीओ राहुल रंजन कुमार को 70 हजार रुपया रिश्वत लेते हुए गया सदर अनुमंडल लोक शिकायत निवारण कार्यालय के समीप गिरफ्तार किया गया.

फरवरी में शादी होने वाली है

हर तरफ बीडीओ राहुल कुमार रंजन की गिरफ्तारी की चर्चा हो रही है. राहुल पंचायत समिति के टेंडरों को ऑनलाइन कराने के बदले में 70,000 रुपये की मांग कर रहे थे. जिसे देने ने वह शख्स असमर्थ था. राहुल द्वारा लगातार पैसे मांगने से तंग आकर उसने विजिलेंस में लिखित शिकायत दी. आसपास के लोगों का कहना है कि आरोपी बीडीओ की फरवरी में शादी होने वाली है. लेकिन अब उन्हें जेल में समय बिताना पड़ेगा. बुधवार को आरोपी बीडीओ को गिरफ्तार कर निगरानी विभाग की टीम अपने साथ पटना लेकर आ गई है.

विजिलेंस टीम की ओर से बीडीओ राहुल कुमार रंजन पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है. बीडीओ को जल्द अदालत में पेश किया जाएगा. इसके बाद उन्हें जेल भेजा जाएगा. प्रखंड विकास पदाधिकारी की गिरफ्तारी के बाद कार्यालय में हड़कंप मच गया.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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