Gaya News : विकास योजनाओं के सहारे धार्मिक नगरी को मिल रहा आधुनिक स्वरूप

Gaya News : ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से देश-दुनिया में प्रसिद्ध गया व बोधगया को सरकारें अब पर्यटन और अधोसंरचना के क्षेत्र में भी वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही हैं.

गया जी. ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से देश-दुनिया में प्रसिद्ध गया व बोधगया को सरकारें अब पर्यटन और अधोसंरचना के क्षेत्र में भी वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही हैं. भगवान विष्णु के चरण चिह्न से सुशोभित विष्णुपद मंदिर और गौतम बुद्ध की तपोभूमि बोधगया के कारण यह नगर मोक्षभूमि और ज्ञानभूमि के रूप में श्रद्धा और सम्मान का केंद्र है.

अंतरराष्ट्रीय स्वरूप ले रहा गया रेलवे स्टेशन

गया रेलवे स्टेशन को अंतरराष्ट्रीय स्तर का लुक देने की दिशा में काम तेजी से चल रहा है. यह कार्य योजना लगभग 70% पूर्ण हो चुकी है. इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा विष्णुपद मंदिर और महाबोधि मंदिर परिसर को कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजना भी प्रस्तावित है, जिसकी निविदा प्रक्रिया शीघ्र शुरू होने वाली है.

7633 करोड़ की मेट्रो परियोजना, दो चरणों में होगा निर्माण

गया शहर में मेट्रो रेल सेवा शुरू करने की भी योजना बनायी गयी है. सर्वे कार्य पूरा कर लिया गया है और 7633 करोड़ की लागत से इसे दो चरणों में पूरा किया जायेगा.

ऐसा होगा मेट्रो रूट

पहला चरण (22.60 किमी): यह मेट्रो लाइन गया-डोभी रोड के पास आइआइएम से शुरू होकर महाबोधि मंदिर तक जायेगी. रास्ते में दोमुहान, सिकरिया मोड़, जयप्रकाश झरना, छोटकी नवादा, कंडी होते हुए सनसिटी के पास समाप्त होगी.

दूसरा चरण (13.48 किमी): यह लाइन ओटीए गेट संख्या पांच से शुरू होकर विष्णुपद मंदिर, मानपुर, सिद्धार्थपुरी कॉलोनी होते हुए लखनपुर तक जायेगी.

विष्णुपद सौंदर्यीकरण और बस स्टैंड का कायाकल्प

बिहार सरकार ने विष्णुपद मंदिर परिक्षेत्र के सौंदर्यीकरण और विकास के लिए 61 करोड़ रुपये की योजना शुरू की है. वहीं, 35 करोड़ की लागत से गया सरकारी बस स्टैंड को राजकीय बस अड्डे में बदलने का कार्य भी प्रगति पर है.

आवासन और पार्किंग सुविधा का विस्तार

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चांदचौरा स्थित पुराने संक्रामक अस्पताल को हटाकर 58 करोड़ की लागत से विशाल धर्मशाला व वाहन पार्किंग स्थल का निर्माण किया जा रहा है. फल्गु नदी के पश्चिमी तट पर 25 करोड़ की लागत से 450 मीटर लंबा व 12 मीटर चौड़ा एप्रोच पथ व घाट भी तैयार किया गया है.

डोभी में बन रहा औद्योगिक कॉरिडोर

डोभी प्रखंड में 1670 एकड़ में देश का सबसे आधुनिक औद्योगिक कॉरिडोर बनाया जा रहा है, जहां कई प्रतिष्ठित कंपनियां निवेश कर रही हैं. अमृतसर-नई दिल्ली-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर के तहत 366.43 करोड़ में से 252 करोड़ रुपये आवंटित किये जा चुके हैं. जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है.

तीन रोप-वे परियोजनाएं प्रगति पर

तीर्थ और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ढूंगेश्वरी पहाड़ी, प्रेतशिला और ब्रह्मयोनि पर्वत पर तीन रोप-वे परियोजनाओं का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है.

एक्सप्रेसवे और फोरलेन से सुधरेगी कनेक्टिविटी

गया को दो प्रमुख एक्सप्रेसवे की सौगात भी मिली है. इनमें भारतमाला परियोजना के तहत आमस से दरभंगा तक 55 किमी का मार्ग, जिसका 95% कार्य पूर्ण हो चुका है. वहीं, पटना-गया-डोभी, बरवा अड्डा-चोरदाहा, गया-हिसुआ-राजगीर-बिहारशरीफ का कार्य भी प्रगति पर है. इसके अलावा जिले की सभी प्रमुख सड़कों को फोरलेन में तब्दील किया जा रहा है, जिससे देश के कोने-कोने से गया की सीधी कनेक्टिविटी संभव हो सकेगी.

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By PRANJAL PANDEY

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