Magadh Medical Hospital : अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल में एक वार्ड ब्वॉय द्वारा मरीज से जांच के नाम पर 3600 रुपये लिए जाने के मामले में अस्पताल प्रशासन की ओर से बेहद कड़ी कार्रवाई की गई है. स्वास्थ्य विभाग में अमूमन यह पहली बार दिखा है कि किसी शिकायत पर केवल जांच कमेटी बनाकर मामले को ठंडे बस्ते में डालने की पारंपरिक कोशिश नहीं की गई.
15 हजार रुपये का लगाया जुर्माना
अस्पताल के अधीक्षक डॉ एपी आनंद भी बुधवार को पूरी तरह से फुल एक्शन मोड में दिखाई दिए. उन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित आउटसोर्सिंग एजेंसी के उक्त आरोपी कर्मचारी (वार्ड ब्वॉय) को तत्काल प्रभाव से काम से हटा दिया है. इसके साथ ही अधीक्षक ने लापरवाही बरतने और नियमों की अनदेखी करने को लेकर संबंधित एजेंसी पर 15 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है.
अस्पताल परिसर में लिखे जा रहे मोबाइल नंबर
इस घटना के बाद अस्पताल की व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए अधीक्षक के निर्देश पर अस्पताल परिसर में जगह-जगह बड़े-बड़े अक्षरों में यह लिखवाया जा रहा है कि “अस्पताल परिसर में इलाज, जांच व रक्त (ब्लड) लेने के लिए पैसों का लेनदेन करना कानूनन अपराध है.” इसके साथ ही मरीजों की सुविधा के लिए दीवारों पर मोबाइल नंबर भी जारी किए जा रहे हैं. यदि भविष्य में कोई भी कर्मचारी इलाज या जांच के नाम पर पैसा मांगता है, तो सीधे उपाधीक्षक के मोबाइल नंबर- 9430003300 और अस्पताल प्रबंधक के मोबाइल नंबर- 9473293337 पर तुरंत सूचना दी जा सकती है.
पैसा मांगने वालों पर तुरंत होगी जेल की कार्रवाई
पैसा मांगने वालों पर अस्पताल प्रशासन द्वारा तुरंत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. अधीक्षक ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि आगे से अगर इस तरह की कोई भी शिकायत या सूचना मिली, तो इससे भी बड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी. इस तरह के भ्रष्ट काम के लिए अस्पताल में किसी को भी कोई छूट नहीं दी जा सकती है.
‘प्रभात खबर’ की खबर का हुआ बड़ा असर
गौरतलब है कि एक महिला मरीज से जांच कराने के नाम पर वार्ड ब्वॉय द्वारा अवैध रूप से 3600 रुपये ऐंठने का समाचार ‘प्रभात खबर’ के बुधवार के अंक में प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया गया था. समाचार छपने के बाद ही इस गंभीर मामले को लेकर अस्पताल प्रशासन पूरी तरह हरकत में आया और दोषियों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है.
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