Gaya Ji News : शहर में कुछ महीने पहले प्रशासन द्वारा चलाया गया अतिक्रमण हटाओ अभियान कोई स्थायी समाधान साबित नहीं हो सका है. शहर के नयी बाजार, थाना मोड़ और ओवरब्रिज के आसपास एक बार फिर से सड़क किनारे हुए अतिक्रमण और अव्यवस्थित वाहन पार्किंग के कारण रोजाना गंभीर जाम लग रहा है. इस अव्यवस्था से आम लोगों, स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
पुनर्वास बिना अभियान बेअसर
करीब चार महीने पहले स्थानीय प्रशासन ने फुटपाथी दुकानों को हटाकर यातायात व्यवस्था को पूरी तरह सुधारने का प्रयास किया था. लेकिन विस्थापित दुकानदारों के लिए पुनर्वास की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के कारण वे दोबारा सड़क किनारे ही अपनी दुकानें लगाने को मजबूर हो गए. इसके साथ ही सड़क के दोनों तरफ बेतरतीब ढंग से वाहन खड़े होने से सड़क बेहद संकरी हो गई है और जाम की समस्या फिर से विकराल हो गई है.
पुलिस द्वारा जब्त वाहन और निबंधन कार्यालय की पार्किंग बन रही जाम का मुख्य कारण
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, थाना मोड़ के पास पुलिस द्वारा विभिन्न मामलों में जब्त किए गए वाहनों को सड़क किनारे ही खड़ा किया जाना और निबंधन कार्यालय (रजिस्ट्री ऑफिस) आने वाले लोगों के वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग भी यहां यातायात बाधित होने का एक बहुत बड़ा कारण बन रही है. इस कुप्रबंधन का सीधा असर शेरघाटी-चेरकी मार्ग पर भी साफ तौर पर पड़ रहा है, जहां आए दिन वाहनों की लंबी कतार लग जाती है और घंटों आवागमन ठप रहता है.
नियमित निगरानी और वेंडिंग जोन से ही निकलेगा स्थायी समाधान
स्थानीय प्रबुद्ध लोगों और नागरिकों का स्पष्ट कहना है कि प्रशासन द्वारा केवल कभी-कभार अतिक्रमण हटाने की दंडात्मक कार्रवाई कर देने से इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा. शहर को जाम के इस झाम से हमेशा के लिए राहत दिलाने के लिए प्रशासन को नियमित निगरानी रखनी होगी. इसके साथ ही वाहनों के लिए व्यवस्थित पार्किंग स्थल का निर्माण और फुटपाथी दुकानदारों के पुनर्वास के लिए किसी ठोस टाउन वेंडिंग जोन की व्यवस्था करनी होगी, तभी शहर की यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाया जा सकेगा.
Also Read : NEET फर्जीवाड़ा मामले में मगध मेडिकल कॉलेज के दो छात्र निलंबित, कैंपस और हॉस्टल में प्रवेश पर रोक
