Gaya Ji News : शिवनगर गांव में स्थित आयुर्वेदिक औषधालय में चिकित्सक के सेवा निवृत्त होने के बाद से आज तक नए चिकित्सक की नियुक्ति नहीं हो पाई है. इसका सीधा प्रभाव उन लोगों पर पड़ रहा है जो वर्षों से आयुर्वेदिक चिकित्सा पर निर्भर हैं. ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए यह औषधालय स्वास्थ्य सेवाओं का एक महत्वपूर्ण केंद्र था, लेकिन चिकित्सक के अभाव में इसकी उपयोगिता लगभग समाप्त हो गई है.
आयुर्वेदिक चिकित्सा पर भरोसा, लेकिन डॉक्टर नहीं होने से इलाज प्रभावित
आयुर्वेद भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति है, जिस पर आज भी लाखों लोग विश्वास करते हैं. अनेक रोगी नियमित रूप से आयुर्वेदिक उपचार लेकर अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखते हैं लेकिन चिकित्सक के नहीं होने से मरीजों को उचित परामर्श और उपचार नहीं मिल पा रहा है. उन्हें छोटी-बड़ी बीमारियों के इलाज के लिए दूर-दराज के अस्पतालों या निजी क्लीनिकों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त हानि हो रही है.
मुखिया सुवोध कुमार सिंह ने आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाएं बहाल करने की मांग की
पंचायत के मुखिया सुवोध कुमार सिंह एव सामाजिक कार्यकर्ता प्रो०लालेन्द्र प्रसाद सिंह ने सरकार एव प्रशासन से शीघ्र ही आयुर्वेदिक औषधालय में चिकित्सक की नियुक्ति करने तथा लग्भग 5 वर्षों से बंद पड़े अस्पताल को चालू कराए जाने की मांग की है.
