आशा कार्यकर्ता चयन विवाद गहराया, दोबारा बहाली की मांग, अभ्यर्थी ने SDO से लगाई गुहार

Gaya Ji News: गया जिले के शेरघाटी प्रखंड की चापी पंचायत के वार्ड संख्या-06 (झौर सलैया गांव) में आशा कार्यकर्ता के चयन को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है. स्थानीय निवासी मधु कुमारी ने अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) मनीष कुमार को लिखित आवेदन देकर बहाली प्रक्रिया में घोर अनियमितता बरतने का आरोप लगाया है. पीड़िता का कहना है कि नियमों को ताक पर रखकर बिना आम सभा बुलाए ही चयन कर लिया गया है.

Gaya Ji News: ( शेरघाटी से नवीन कुमार मिश्रा की रिपोर्ट ) :
प्रखंड क्षेत्र की चापी पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या-06 स्थित ग्राम झौर सलैया में आशा कार्यकर्ता के चयन को लेकर स्थानीय स्तर पर विवाद काफी गहरा गया है. गांव की निवासी और अभ्यर्थी मधु कुमारी ने शेरघाटी के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) मनीष कुमार को एक लिखित आवेदन सौंपकर चयन प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर धांधली और अनियमितता बरते जाने का गंभीर आरोप लगाया है. इस शिकायत के बाद से स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय पंचायत स्तर पर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है.

बिना आम सभा और पूर्व सूचना के चयन करने का आरोप

एसडीओ को दिए गए आवेदन में मधु कुमारी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि आशा कार्यकर्ता के पारदर्शी चयन के लिए नियमानुसार और गाइडलाइन के तहत ग्रामीणों की आम सभा आयोजित की जानी अनिवार्य थी. लेकिन चयन समिति द्वारा बिना किसी आम सभा के और बिना किसी पूर्व सार्वजनिक सूचना के गुपचुप तरीके से मिंता कुमारी नामक अभ्यर्थी का चयन कर लिया गया. शिकायतकर्ता का सीधा आरोप है कि इस पूरी चयन प्रक्रिया में स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की आपसी मिलीभगत रही है, जिसके कारण योग्य उम्मीदवारों को दरकिनार कर नियमों के विरुद्ध यह बहाली की गई है.

जांच नहीं होने पर दोबारा खटखटाया अनुमंडल का दरवाजा

शिकायतकर्ता मधु कुमारी के अनुसार, उन्होंने इस मनमाने चयन के खिलाफ सबसे पहले बीते 24 अप्रैल 2026 को भी अनुमंडल कार्यालय में एक लिखित आवेदन दिया था. लेकिन उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्होंने अब अपनी पिछली शिकायत की प्रति को नए आवेदन के साथ संलग्न करते हुए दोबारा एसडीओ से न्याय की गुहार लगाई है. उनका कहना है कि सरकारी प्रावधानों के मुताबिक आशा कार्यकर्ता का चयन शैक्षणिक योग्यता, स्थानीय निवास और कड़े मानकों की जांच-पड़ताल के बाद ही होना चाहिए था, जिसका इस मामले में पूरी तरह उल्लंघन किया गया है.

वर्तमान चयन को रद्द कर दोबारा बहाली की मांग

पीड़िता मधु कुमारी ने अनुमंडल पदाधिकारी से इस पूरे मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने, वर्तमान में किए गए अवैध चयन को तत्काल प्रभाव से रद्द करने और गांव में दोबारा पारदर्शी आम सभा आयोजित कराकर शैक्षणिक योग्यता के आधार पर आशा कार्यकर्ता की नई बहाली सुनिश्चित कराने की मांग की है. इस विवाद को लेकर स्थानीय स्तर पर और ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं तेज हैं. हालांकि, इस गंभीर शिकायत और आरोपों के संबंध में समाचार लिखे जाने तक प्रखंड स्वास्थ्य विभाग या संबंधित अन्य अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं हो सका है.

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Published by: Suryakant Kumar

सूर्यकांत कुमार प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर हैं. डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों का अनुभव रखते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल चैनल न्यूज रील्स से की. इसके बाद नेशन दर्पण और खबरिया जंक्शन में कार्य किया, जहां कंटेंट राइटिंग, वीडियो एडिटिंग और वॉयस ओवर से जुड़े विभिन्न कार्यों का अनुभव हासिल किया. उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. वर्तमान में वे स्थानीय (हाइपरलोकल) खबरों पर काम कर रहे हैं. इसके अलावा खेल और मनोरंजन से जुड़ी खबरों में भी विशेष रुचि रखते हैं.

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