गया जी के शिवभक्त ने बनाई 30 फीट लंबी, डेढ़ क्विंटल वजनी कांवर, 30 बार डाक बम बनकर जा चुके हैं देवघर

Gaya Ji 30 Feet Kanwar : गया जी के शिवभक्त सुदर्शन कुमार ने अनोखी शिवभक्ति का प्रदर्शन करते हुए 30 फीट लंबी और डेढ़ क्विंटल वजनी कांवर तैयार की है. अपनी आर्थिक तंगी के बावजूद, उन्होंने अटूट आस्था से यह कांवर बनाई है और वे जल्द ही बाबा बैजू धाम के लिए रवाना होंगे.

Gaya Ji 30 Feet Kanwar : सावन की शुरुआत हो चुकी है. शिव भक्तों के 'बोल बम' के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया है और शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है. भगवान भोलेनाथ के अनगिनत भक्तों में गया जी जिले के गुरारू निवासी सुदर्शन कुमार अपनी अनोखी शिवभक्ति के लिए खास पहचान रखते हैं.

30 फीट लंबी और डेढ़ क्विंटल वजनी कांवर. प्रभात खबर

इस बार उन्होंने 30 फीट लंबी और डेढ़ क्विंटल वजनी कांवर तैयार की है. सुदर्शन अब तक 30 बार डाक बम के रूप में बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर की यात्रा कर चुके हैं, लेकिन इस बार वे इस विशेष कांवर के साथ बिहार के मिनी देवघर कहे जाने वाले गुरुआ स्थित बैजू धाम में जलाभिषेक करने जाएंगे.

साथियों की मदद से एक महीने में तैयार हुई कांवर

भगवान शंकर के प्रति उनकी गहरी श्रद्धा और आस्था है. इस बार सुदर्शन ने एक खास कांवर तैयार किया है, जो 30 फीट लंबा है. अपने कुछ साथियों की मदद से इन्होंने यह कांवर तैयार किया है. पिछले एक महीने से वे कांवर तैयार करने में जुटे थे और अब यह कांवर लगभग तैयार हो गया है.

कांवर तैयार करते शिव भक्त. प्रभात खबर

पहले उन्हें कांवर को लेकर देवघर जाना था, किंतु कुछ कारणों से अब वे बिहार के मिनी देवघर के रूप में प्रसिद्ध बैजू धाम को रवाना होंगे.

दो अगस्त को वे यह कांवर लेकर रवाना होंगे और तीन अगस्त को सावन की पहली सोमवारी के दिन बाबा बैजू धाम के दरबार में पहुंचकर जल अर्पित करेंगे.

यात्रा में शामिल होंगे दर्जनों श्रद्धालु

इनके साथ टीम में स्थायी रूप से 11 सदस्य रहेंगे. वहीं, जिन्हें कांवर में साथ देना है या साथ में बैजू धाम चलना है, वे भी कांवर में कंधा लगा सकेंगे, उनके लिए कोई रोक नहीं होगी.

उन्हें अनुमान है कि जब वे कांवर लेकर रवाना होंगे, तो उनके साथ 11 स्थायी सदस्यों के अलावा सैकड़ों लोग भी इसमें शामिल होंगे. सुदर्शन ने 30 फीट लंबा और डेढ़ क्विंटल वजनी कांवर तैयार करने के लिए काफी मेहनत की है.

मुफलिसी के बावजूद आस्था और विश्वास

इसके लिए उन्होंने मजदूरी भी की और फोटोग्राफी करने से आने वाले पैसे को बचाकर रखा. अपनी इच्छाओं को दबाकर इन्होंने किसी तरह से रुपए जमा किए और यह कांवर तैयार किया है.

वे पिछले दो-तीन सालों से 52 फीट लंबा या 30 फीट लंबा कांवर बनाने की सोच रहे थे, और अपनी आर्थिक स्थिति को देखकर उन्होंने 30 फीट लंबा कांवर बनाने का निर्णय लिया. इसके लिए सुल्तानगंज जाकर उन्होंने काफी खरीदारी की और वहां से कांवर को सजाने के सामान के साथ गंगाजल भी लाए. अब तक वे करीब 25 हजार रुपए खर्च कर चुके हैं.

खुद मुफलिसी में रहने वाले सुदर्शन ने भगवान भोले की भक्ति के लिए अपना पेट काटकर यह रुपए जमा किए और कांवर बनाया.

उन्हें चिंता है कि अभी कुछ और रुपए खर्च होंगे, वह रुपए कहां से आएंगे, लेकिन उन्हें भगवान भोलेनाथ पर विश्वास है कि वे किसी तरह से और खर्च होने वाले रुपए का जुगाड़ कर लेंगे, चाहे उन्हें घर का कोई सामान ही क्यों न बेचना पड़े.

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लेखक के बारे में

By संजीव कुमार

संजीव कुमार पाठक प्रिंट माध्यम में 18 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बौंसी (बांका) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

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