गया जी में शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, 4 शिक्षक-कर्मचारी निलंबित; अलग-अलग BRC में बना मुख्यालय

गया जी जिले में शिक्षा विभाग ने लापरवाही के चलते एक लिपिक, दो शिक्षिकाओं और एक हेडमास्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है. चारों को निलंबित कर दिया गया है और अनुशासनिक कार्रवाई के अधीन किया गया है. निलंबन अवधि के दौरान सभी का मुख्यालय अलग-अलग प्रखंड संसाधन केंद्रों (बीआरसी) में निर्धारित किया गया है. इस कार्रवाई से शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जगी है.

गया जी जिले में शिक्षा विभाग ने लापरवाही और विभागीय निर्देशों की अनदेखी के मामलों में एक लिपिक, एक विशिष्ट शिक्षिका सह विद्यालय प्रधान, एक प्रधान शिक्षिका और एक हेडमास्टर के खिलाफ कार्रवाई की है. चारों को निलंबित करते हुए अनुशासनिक कार्रवाई के अधीन किया गया है. निलंबन अवधि के दौरान अलग-अलग प्रखंड संसाधन केंद्रों (बीआरसी) में इनका मुख्यालय निर्धारित किया गया है.

लिपिक जयंत कुमार निलंबित

गुरुआ प्रखंड के सगाही बाजार स्थित अनुग्रह नारायण सिंह प्लस टू उच्च विद्यालय के लिपिक जयंत कुमार सिंह को प्रभारी प्रधानाध्यापक की रिपोर्ट और दो बार शोकॉज देने के बाद भी स्पष्टीकरण न देने पर निलंबित किया गया है.

इनका मुख्यालय बीआरसी नीमचक बथानी बनाया गया है. वहीं, स्वतंत्रता दिवस पर विलंब से झंडोत्तोलन और वायरल वीडियो मामले में प्राथमिक विद्यालय जटही (मोहनपुर) की विशिष्ट शिक्षिका सह विद्यालय प्रधान अर्चना कुमारी अंशु को निलंबित कर बीआरसी मोहनपुर भेजा गया है.

प्रधान शिक्षिका पर कार्रवाई

तीसरा मामला कोंच प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय दौलतपुर का है, जहां आपराधिक मामले में गिरफ्तार और जमानत पर लौटे शिक्षक रामजन्म पासवान की जानकारी नियुक्ति प्राधिकार को न देने तथा जुलाई की अनुपस्थिति छिपाने के आरोप में प्रधान शिक्षिका मेनका कुमारी को निलंबित किया गया है. उनका निलंबन मुख्यालय बीआरसी बेलागंज निर्धारित किया गया है.

एमडीएम अनियमितता में कार्रवाई

नगर प्रखंड के उर्दू मध्य विद्यालय अमराहा में मध्याह्न भोजन (एमडीएम) की खराब गुणवत्ता को लेकर छात्रों के प्रदर्शन और जांच में पाई गई अनियमितताओं के बाद प्रधानाध्यापक मो इकबालुर रहमान को निलंबित कर दिया गया है.

बीईओ के शोकॉज का जवाब न देने और डीपीओ (पीएम पोषण योजना) की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई हुई. इनका मुख्यालय बीआरसी टिकारी बनाया गया है.

संचालन पदाधिकारी नामित

चारों मामलों में अनुशासनिक कार्रवाई के संचालन के लिए संबंधित जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को संचालन पदाधिकारी और संबंधित बीईओ को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नामित किया गया है.

निलंबन अवधि में संबंधित कर्मियों को अपने निर्धारित मुख्यालय में योगदान देने के बाद उपस्थिति के आधार पर नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा.

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By हरिबंश कुमार

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