आजाद पार्क व बैरागी में बनाया गया भव्य पंडाल, 10 दिनों का होगा आयोजन. शहर के आजाद पार्क, बैरागी, रमना सहित कई जगहों पर अलग-अलग पूजा समितियों द्वारा बनाये गये भव्य पूजा पंडालों के साथ-साथ काफी घरों में श्री गणेश चतुर्थी पर गणेश महोत्सव की तैयारी धूमधाम से की गयी है.
श्री गणेश चतुर्थी के साथ 14 सितंबर से श्रीरामचरित मानस नवाह्न पारायण यज्ञ समिति द्वारा शहर के आजाद पार्क व बैरागी स्थित एक सनातनी आवास में 10 दिवसीय श्री गणेश उत्सव धूमधाम के साथ शुरू होगा. इन पूजा पंडालों में रविवार की रात पूजा समिति से जुड़े आयोजकों द्वारा गणपति बप्पा की प्रतिमाएं बैठायी गयी है.
मंत्रोच्चारण के साथ गणपति बप्पा की प्रतिमा का 14 सितंबर को प्राण प्रतिष्ठा व पूजन कर 10 दिनों के लिए स्थापित किया जायेगा. प्रतिमा स्थापना के साथ श्रद्धालु भगवान गणपति बप्पा का दर्शन पूजन कर सकेंगे. दसवें दिन 24 सितंबर को प्रतिमा विसर्जन के साथ कार्यक्रम का समापन होगा. समिति द्वारा आजाद पार्क में भव्य पंडाल बनाया गया है.
स्वामी वेंकटेश प्रपन्नाचार्य जी महाराज का प्रवचन
समिति के अध्यक्ष शिव कैलाश डालमिया उर्फ मुन्ना डालमिया ने बताया कि इस मौके पर प्रत्येक दिन शाम में श्री रामानुजाचार्य मठ के महंत जगतगुरु स्वामी वेंकटेश प्रपन्नाचार्य जी महाराज द्वारा प्रवचन का कार्यक्रम आयोजित होगा. सुबह आठ बजे से श्री गणेश भगवान का पूजन, आरती सहित अन्य धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किये जायेंगे. प्रतिदिन 101 किलो लड्डू का भगवान को भोग लगाकर श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया जायेगा.
बैरागी में विराजमान पावरगंज के राजा
एक सनातनी परिवार द्वारा पावरगंज में भव्य पंडाल के बीच गणपति बप्पा की प्रतिमा को पावरगंज के राजा के रूप में विराजमान किया गया है. 14 सितंबर से श्रद्धालु पावरगंज के राजा का दर्शन कर सकेंगे. कार्यक्रम के संयोजक देवोत्तम केशरी ने बताया कि 10 दिवसीय गणपति उत्सव धूमधाम से मनाने की तैयारी पूरी हो गयी है.
मुंबई से लाई गई प्रतिमा और विशेष कार्यक्रम
गणपति जी की प्रतिमा मुंबई से लायी गयी है. दोपहर 12 बजे के बाद मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा होगी और शाम पांच बजे मगध रेंज के पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव के द्वारा गणपति महोत्सव का शुभारंभ होगा. उसके बाद सभी श्रद्धालु गणपति बप्पा का दर्शन कर सकेंगे. 16 सितंबर को एक विशाल मोदक व 20 सितंबर को 956 प्रकार के शुद्ध भारतीय व्यंजनों का भोग लगाया जायेगा.
डांडिया और विसर्जन का कार्यक्रम
21 सितंबर को पंडाल प्रांगण में ही डांडिया का आयोजन होगा. 24 सितंबर को गणपति जी की विदाई के साथ महोत्सव का समापन होगा.
