आमस. प्रखंड क्षेत्र की करमडीह पंचायत स्थित मोरैनिया के खेलावनडीह (महादलित टोला) में पिछले एक महीने के अंदर रहस्यमयी तरीके से चार लोगों की मौत होने से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है. मरनेवाले सभी लोग एक ही परिवार के बताये जा रहे हैं. स्थिति यह है कि लोग बीमारी को दैवीय प्रकोप मानकर अस्पताल जाने के बजाय झाड़-फूंक के चक्कर में पड़ रहे हैं. खेलावनडीह टोला निवासी विकास मित्र रामस्वरूप रिकियासन ने बताया कि मौतों का सिलसिला पिछले महीने से जारी है. शुक्रवार को सरयू भूइयां की 22 वर्षीय पुत्री कलोनी कुमारी की मौत. दो फरवरी को उदय रिकियासन की 28 वर्षीय पत्नी शकुंतला देवी की जान गयी. 27 दिसंबर को उदय रिकियासन के मंझले भाई 35 वर्षीय रामप्रवेश मांझी की मौत हो गयी थी. इससे पूर्व शिवन भुइयां के पुत्र 32 वर्षीय संजीत भुइंया की मौत हो चुकी है. इसके अलावा रंजीत भुइयां की पत्नी टुन्नी देवी, बब्लू भुइयां की पत्नी शोभा देवी, लालचंद भुइयां की पत्नी फुलिया देवी और सरयू भुइयां अभी भी बीमार हैं.
दूषित पानी या अंधविश्वास?
विकास मित्र का कहना है कि टोले में नल-जल योजना पिछले दो वर्षों से बंद पड़ी है. मजबूरी में लोग चापाकल का दूषित पानी पी रहे हैं, जिसे बीमारी की एक बड़ी वजह माना जा रहा है. वहीं, ग्रामीणों में अंधविश्वास इतना गहरा है कि बीमार पड़ने पर वे डॉक्टर के पास जाने के बजाय ओझा-गुनी से झाड़-फूंक करवा रहे हैं. ग्रामीणों के अनुसार, पहले बुखार और पेट दर्द होता है, फिर अचानक कंठ (गला) जाम हो जाता है और मौत हो जाती है.
