Gaya Ji News : अनुग्रह मेमोरियल कॉलेज के बीएड विभाग सभागार में रविवार को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व मगध विश्वविद्यालय के संस्थापक सत्येंद्र नारायण सिंह की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई. इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मो. नजीर अख्तर सहित शिक्षकों व शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए.
'छोटे साहब' के नाम से पुकारते थे लोग
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. मो. नजीर अख्तर ने कहा कि सत्येंद्र नारायण सिंह एक युग पुरुष थे, जिन्हें लोग स्नेह से "छोटे साहब" के नाम से पुकारते थे. वे स्वतंत्रता सेनानी के साथ-साथ बिहार के मुख्यमंत्री भी रहे और विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहकर राज्य की सेवा की.
आदर्शों और त्याग का अनुकरण जरूरी
बीएड विभागाध्यक्ष डॉ. मानिक मोहन शुक्ला ने कहा कि सत्येंद्र बाबू के आदर्शों और कार्यों का अनुकरण बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश को करना चाहिए. उन्होंने अपने कार्यकाल में कई शिक्षण संस्थानों की स्थापना की. उनके त्याग, समर्पण और व्यक्तित्व को कभी भुलाया नहीं जा सकता. उन्होंने अपने जीवन काल में शिक्षा के विस्तार और सामाजिक सुधारों के लिए जो महत्वपूर्ण कार्य किए, वे आज की युवा पीढ़ी के लिए मार्गदर्शन का कार्य करते हैं. उनके दिखाए रास्ते पर चलकर ही समृद्ध समाज का निर्माण संभव है.
महान शिक्षाविद और दूरदर्शी नायक
इस अवसर पर डॉ. अनिल कुमार सिंह ने कहा कि सत्येंद्र नारायण सिंह महान शिक्षाविद, स्वतंत्रता आंदोलन के प्रखर नायक और संयुक्त बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री थे. उनकी दूरदर्शी सोच ने समाज सेवा, त्याग, करुणा, दया और प्रेम की भावना को बढ़ावा देने की प्रेरणा दी. कार्यक्रम में कॉलेज के अन्य शिक्षकों ने भी अपने विचार व्यक्त किए. इस मौके पर कॉलेज के विभिन्न विभागों के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे.
बिहार के 19वें मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल
सत्येंद्र नारायण सिन्हा बिहार के 19वें मुख्यमंत्री थे. उनका यह कार्यकाल 11 मार्च 1989 से शुरू होकर 6 दिसंबर 1989 तक रहा. कुल मिलाकर मुख्यमंत्री के रूप में उनका यह कार्यकाल लगभग 9 महीने (यानी 270 दिन) का था.
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