महाबोधि मंदिर क्षेत्र में बेलगाम हो गये इ-रिक्शा चालक

मंदिर में दर्शन-पूजा करने आने वाले देशी-विदेशी श्रद्धालुओं को हो रही परेशानी

फोटो- गया बोधगया 205- महाबोधि मंदिर क्षेत्र में अनियंत्रित रूप से खड़े ई-रिक्शा

मंदिर में दर्शन-पूजा करने आने वाले देशी-विदेशी श्रद्धालुओं को हो रही है परेशानीसवारी बैठाने व चढ़ाने को लेकर ई-रिक्शा चालक मचाये रहते हैं अफरातफरीवरीय संवाददाता, बोधगया

बोधगया के पर्यटन सीजन शुरू होने के बाद भी यहां इ-रिक्शा चालक बेलगाम होकर ट्रैफिक नियमों का अनुपालन नहीं कर रहे हैं. मुख्य रूप से महाबोधि मंदिर के प्रवेश मार्ग पर सुबह से लेकर शाम तक इ-रिक्शा चालकों की हरकत से यहां लाखों रुपये खर्च कर बोधगया को देखने आने वाले विदेशी श्रद्धालुओं को काफी पीड़ा पहुंच रही है. वे स्वच्छंद रूप से महाबोधि मंदिर क्षेत्र में भ्रमण भी नहीं कर सकते हें, ऐसी स्थिति पैदा हो गयी है. मंदिर के प्रवेश मार्ग पर सवारी को चढ़ाने व उतारने को लेकर इ-रिक्शा चालकों का लगा जमघट के साथ ही उनके द्वारा मचायी जा रही आपाधापी के कारण अफरातफरी का माहौल बना रहता है. अब जबकि इंटरनेशनल यात्री विमानों की आवाजाही शुरू हो जाने के बाद हर दिन सैकड़ों की संख्या में विदेशी श्रद्धालु बोधगया पहुंच रहे हैं और वे सर्वप्रथम महाबोधि मंदिर में पूजा-दर्शन करना चाहते हैं. चूंकि, पहले से यह व्यवस्था की गयी है कि मंदिर क्षेत्र में पर्यटकों के बड़े वाहनों की इंट्री नहीं दी जायेगी व उन्हें बांग्लादेश मोनास्टरी के पास पुलिस चेक पोस्ट के बाद इ-रिक्शा से ही महाबोधि मंदिर पहुंचना होगा. इसी तरह चिल्ड्रेन पार्क के बाद बगैर इंट्री पास वाले गाड़ियों के प्रवेश पर रोक है व इ-रिक्शा के माध्यम से ही मंदिर क्षेत्र में पहुंचा जा सकता है. इसके लिए बोधगया यातायात थाने के माध्यम से बजीटी नंबर प्राप्त इ-रिक्शा को ही मंदिर क्षेत्र में इ्रंट्री दिये जाने का नियम बनाया गया था. इनमें भी हर दिन के हिसाब से प्रवेश पाने वाले इ-रिक्शा की संख्या तय की गयी थी. एक दिन में 50 से ज्यादा इ-रिक्शा को प्रवेश करने की इजाजत नहीं थी. इसके लिए नंबर सिस्टम लागू किया गया था. ऐसी स्थिति में सवारी बैठाने के लिए आपाधापी नहीं मचती थी व शांतिपूर्वक यात्री इ-रिक्शा की सवारी कर आनंद पूर्वक कर पाते थे. लेकिन, यातायात थाने के थानेदार के बदलने के बाद स्थिति अनियंत्रित हो गयी व इस कारण बेलगाम हुए इ-रिक्शा चालकों से देशी-विदेशी श्रद्धालुओं के समक्ष समस्या खड़ी हो गयी है. इस संबंध में महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया के महासचिव वेन पी शिवली थेरो ने भी प्रशासन से शिकायत कर चुके हैं व कहा है कि पर्यटन सीजन में मंदिर क्षेत्र में इ-रिक्शा की इंट्री कालचक्र मैदान से एसबीआइ तक पूर्णत: बंद कर दिया जाये. हालांकि, इसका पालन भी पहले किया जाता था व दोनों जगहों पर लोहे का ग्रिल गेट भी स्थापित किया हुआ है. बहरहाल, स्थानीय बौद्ध संगठनों ने इस दिशा में प्रशासन से पहल करने की अपील की है, ताकि बोधगया भ्रमण करने आने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिल सके.

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By KALENDRA PRATAP SINGH

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