डुमरिया की 20 सूत्री बैठक में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल, PHC प्रभारी की गैरहाजिरी और टीकाकरण बाधित होने का मुद्दा उठा

गया जी के डुमरिया प्रखंड में 20 सूत्री बैठक में स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुली. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों की नियमित गैरहाजिरी, टीकाकरण का प्रभावित होना, और जन्म प्रमाण पत्र के नाम पर अवैध वसूली जैसे मुद्दे उठाए गए. विभिन्न विभागों के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर भी चिंता जताई गई.

गया जी जिले के डुमरिया प्रखंड के ई-किसान सभागार में मंगलवार को 20 सूत्री की बैठक आयोजित की गयी. अध्यक्षता 20 सूत्री प्रखंड अध्यक्ष संजीव कुमार पाठक ने की. बैठक में कृषि, स्वास्थ्य, मनरेगा, बिजली एवं श्रम विभाग समेत विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे.

वहीं कई विभागों के पदाधिकारी बैठक से अनुपस्थित रहे. इस पर अध्यक्ष ने चिंता जतायी। बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये गये.

स्वास्थ्य विभाग की कमियों और प्रभारियों की अनुपस्थिति पर सवाल

बैठक में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाये गये. सदस्यों ने आरोप लगाया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते हैं. केंद्र में कार्यरत अन्य चिकित्सकों को भी प्रतिनियुक्ति पर रखा गया है. बीस सूत्री अध्यक्ष संजीव कुमार पाठक ने कहा कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के अनुपस्थित रहने के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित हो रही है.

योजना की जानकारी देते अधिकारी

उन्होंने सवाल उठाया कि स्वास्थ्य कर्मियों के अनुपस्थित रहने पर प्रभारी द्वारा शोकॉज किया जाता है, लेकिन प्रभारी की अनुपस्थिति पर कार्रवाई क्यों नहीं होती. बीस सूत्री सदस्य गौतम पासवान ने बताया कि करीब एक माह से कोरियर के अभाव में कई जगहों पर नियमित टीकाकरण का कार्य प्रभावित है. अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पानी की समस्या का मुद्दा भी उठाया गया. सदस्यों ने कहा कि करीब एक वर्ष से रोगी कल्याण समिति की बैठक भी आयोजित नहीं की गयी है.

बैठक में स्वास्थ्य विभाग के कर्मी ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कबीर आलम एवं स्वास्थ्य प्रबंधक विजय ठाकुर के नियमित रूप से ड्यूटी से अनुपस्थित रहने की बात स्वीकार की. सदस्यों ने कहा कि पदाधिकारियों के अनुपस्थित रहने के कारण कई उप स्वास्थ्य केंद्रों एवं एपीएचसी में आवश्यक सामग्री की कमी बनी हुई है.

सदस्य रामविलास प्रसाद ने सवाल उठाया कि चिकित्सक, मैनेजर एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के कई दिनों तक अनुपस्थित रहने के बावजूद उनका वेतन कैसे बन जाता है. मामले की जांच के लिए कमेटी गठित करने का प्रस्ताव रखा गया.

जन्म प्रमाणपत्र में अवैध वसूली और आंगनबाड़ी की जर्जर स्थिति

लोजपा प्रखंड अध्यक्ष सह बीस सूत्री सदस्य गौतम पासवान एवं मनोज पासवान ने जन्म प्रमाणपत्र बनाने के नाम पर अवैध राशि वसूले जाने का आरोप लगाया. आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था पर भी सदस्यों ने चिंता जतायी. सदस्य इरशाद अंसारी ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति बदतर है.

पोरखंचक स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में पानी टपकने की समस्या है. अमजद खान एवं बीरबल राय ने नारायणपुर पंचायत के फुलेलडीह गांव में आंगनबाड़ी केंद्र को अब तक कोड आवंटित नहीं किये जाने का मुद्दा उठाया. सदस्यों ने आरोप लगाया कि एक-दो केंद्रों को छोड़कर अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रों पर मेन्यू के अनुसार बच्चों को भोजन नहीं दिया जाता है.

एएनएम, आशा एवं सीएचओ के करीब एक वर्ष से इंसेंटिव का भुगतान नहीं होने का मामला भी उठाया गया. बीस सूत्री अध्यक्ष संजीव कुमार पाठक ने प्रस्ताव रखा कि बिना सूचना के मुखिया द्वारा बैठक कर योजनाओं को पास करा लिया जाता है.

विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने दी योजनाओं की जानकारी

बैठक में कल्याण विभाग, मनरेगा, कृषि, बिजली, आवास एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग से संचालित योजनाओं की जानकारी सदस्यों को दी.

अनुपस्थित अधिकारियों पर निंदा प्रस्ताव और कार्रवाई का फैसला

बीडीओ पंकज कुमार ने बताया कि बैठक से अनुपस्थित संबंधित विभाग के अधिकारियों के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव पारित किया गया है. उनसे स्पष्टीकरण मांगा जायेगा। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी.

बैठक में बीडीओ पंकज कुमार, सीओ संजय कुमार, पीओ निर्भय कुमार, डुमरिया थानाध्यक्ष राजू कुमार, मैगरा थाना से निरंजन पासवान, भदवर थाना से निर्मल कुमार, बोधिबीघा थाना से एएसआई, कल्याण विभाग के राधेश्याम सिंह, कृषि पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार, पीएचईडी के एसडीओ एवं जेई, बिजली विभाग के जेई प्रदीप कुमार साह, सदस्य सुरेश ठाकुर, मनोज पासवान समेत अन्य उपस्थित थे.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By मनोज मिश्रा

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >