डॉक्टर कभी रिटायर्ड नहीं होते, आजीवन करनी होती है मरीजों की सेवा

एएनएमएमसीएच के उपाधीक्षक डॉ एनके पासवान शनिवार को रिटायर्ड हो गये. इस दौरान लोगों ने उनके साथ बिताये पलों को साझा किया.

गया जी. डॉक्टरी ही ऐसा पेशा है, जहां पर पैसे से अधिक लोगों की जान बचाने पर ध्यान देना होता है. इस पेशे से जुड़े लोग कभी भी अपने काम से रिटायर्ड नहीं होते हैं. आजीवन उन्हें मरीज की सेवा के लिए तैयार रहना होता है. उक्त बातें एएनएमएमसीएच के उपाधीक्षक डॉ एनके पासवान के रिटायर्ड होने के बाद आयोजित विदाई समारोह को संबोधित करते हुए जहानाबाद सांसद सह राजद के वरीय नेता डॉ सुरेंद्र प्रसाद यादव ने कही. प्राचार्य डॉ राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि अस्पताल में इतने वर्षों तक साथ में काम करने के बाद अलग होने का पल बहुत ही मार्मिक होता है. ऐसे इस पेशे में हर वक्त आपस में मेल-मिलाप होता रहेगा. यहां से जाने का कष्ट सभी को है. मेडिसिन के हेड डॉ पीके सिन्हा ने कहा कि डॉ पासवान ने ताउम्र नौकरी के दौरान हर किसी को साथ लेकर चलने का काम किया है. सर्जरी हेड डॉ एके झा सुमन ने कहा कि डॉक्टरी पेशा हमलोगों को सेवा करने के लिए प्राप्त हुआ है. इसका सदुपयोग करना ही हमारा सबसे बड़ा कर्तव्य होता है. इस मौके पर डॉ एसएन सिंह, डॉ पीपी प्रभाकर, डॉ लालदेव, डॉ संजीव कुमार, डॉ रवींद्र कुमार, डॉ मनीष कुमार सिंह, अस्पताल प्रबंधक नीरज कुमार सिंह, संतोष कुमार सिन्हा, राकेश कुमार, विभा कुमारी, रमेश कुमार, प्रमोद कुमार, संजीत कुमार आदि मौजूद थे.

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Author: JITENDRA MISHRA

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