हाथीपांव प्रभावित अंग को जख्म व धूल से बचाना जरूरी

डुमरिया में हाथीपांव रोगियों के बीच एमएमडीपी किट का वितरण

डुमरिया में हाथीपांव रोगियों के बीच एमएमडीपी किट का वितरण

वरीय संवाददाता, गया जी. गुरुवार को डुमरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत मैगरा के सुदूरवर्ती गांव भूईं टोली व कुंजर टोली में हाथीपांव ग्रसित लोगों के बीच एमएमडीपी किट का वितरण किया गया. किट के उपयोग के तरीके बताये गये. बीसीएम सन्नी कुमार ने बताया कि इन टोलों में हाथीपांव के कारण चलने-फिरने में असहाय 10 लोगों के बीच एमएमडीपी किट वितरित किये गये. कस्तूरबा गांधी बालिका उच्च विद्यालय व मैगरा उच्च विद्यालय के चार सौ छात्रों को हाथीपांव रोग विषय पर जागरूक किया गया. पीरामल संस्था के कार्यक्रम पदाधिकारी (संचारी रोग) अताउल्लाह खान ने बताया कि हाथीपांव कियुलेस मादा मच्छर के काटने से जनित रोग है. इससे बचाव के लिए साल में एमडीए अभियान के दौरान दवा सेवन जरूर करना चाहिए. साथ ही नाइट ब्लड सर्वे के दौरान अपने रक्त की जांच जरूर करा लेनी चाहिए. उन्होंने कहा, इस बीमारी से दिव्यांग मरीजों को चिह्नित कर ऑनलाइन पंजीकरण कर दिव्यांगता प्रमाणपत्र के लिए रजिस्ट्रेशन भी किया जा रहा है.

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Author: JITENDRA MISHRA

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