कल मनायी जायेगी देवोत्थान एकादशी, शुभ कार्यों की होगी शुरुआत

गन्ना, शकरकंद व सुथनी की बढ़ी मांग

गया जी. देवोत्थान एकादशी एक नवंबर को मनायी जायेगी. इस दिन के साथ विवाह सहित सभी मांगलिक और शुभ कार्यों की शुरुआत हो जायेगी. देवोत्थान एकादशी का पारण दो नवंबर को होगा. इस अवसर पर मिठाइयों और पकवानों के साथ गन्ना, शकरकंद, सुथनी और पानी फल (सिंघाड़ा) सहित कई मौसमी फलों की मांग बढ़ गयी है. जानकारों के अनुसार व्रती श्रद्धालु पारण के दिन इन फलों और पकवानों का उपयोग करते हैं. गुरुवार को खुदरा बाजार में शकरकंद 40 से 50 रुपये प्रति किलो, सुथनी 80 रुपये प्रति किलो, छिलके वाला सिंघाड़ा 80 रुपये प्रति किलो और बिना छिलके वाला सिंघाड़ा 160 रुपये प्रति किलो बिका. वहीं गन्ना 30 से 50 रुपये प्रति पीस की दर से बेचा गया. गौरतलब है कि इस वर्ष छह जुलाई को देवशयनी एकादशी के साथ चातुर्मास की शुरुआत हुई थी. इसके साथ ही विवाह सहित सभी शुभ और मांगलिक कार्य वर्जित हो गये थे. धार्मिक मान्यता के अनुसार चातुर्मास में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है. मान्यता है कि देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु चार माह के लिए क्षीरसागर में विश्राम करने चले जाते हैं. कार्तिक मास की देवोत्थान एकादशी को भगवान विष्णु योग निद्रा से उठकर पुनः पृथ्वी लोक पर आते हैं. इसी दिन तुलसी संग उनका विवाह होता है. इसके साथ ही सभी शुभ और मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाती है.

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By NIRAJ KUMAR

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