मानपुर. मानपुर प्रखंड में बिना सरकारी अनुमति और मानकों को ताक पर रखकर चल रहे निजी अस्पताल मरीजों की जान से खेल रहे हैं. ताजा मामला बुनियादगंज थाने से महज 500 मीटर की दूरी पर खांजहांपुर पठानटोली मोड़ के समीप संचालित राज अंजलि हॉस्पिटल का है. यहां इलाज में लापरवाही के कारण एक नवजात की मौत हो गयी. इसके बाद मामले को रफा-दफा करने के लिए परिजनों और अस्पताल प्रबंधन के बीच लाखों रुपये की सौदेबाजी का सनसनीखेज मामला सामने आया है. हंगामे के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर क्रॉस एफआइआर दर्ज कर ली है. खिजरसराय थाना क्षेत्र के मसूदपुर गांव निवासी मुन्ना कुमार ने पुलिस को दिये आवेदन में बताया है कि उनकी पत्नी चांदनी कुमारी की नियमित जांच राज अंजलि हॉस्पिटल में ही चल रही थी. अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के अनुसार डिलीवरी की तारीख 22 अप्रैल थी. लेकिन 22 मार्च को पेट में दर्द की शिकायत होने पर उसे अस्पताल लाया गया. आरोप है कि अस्पताल कर्मियों ने बिना किसी विशेषज्ञता के समय से पहले (प्री-मैच्योर) सिजेरियन डिलीवरी कर दी. हालत बिगड़ने पर नवजात को दूसरे डॉक्टर के पास जांच और ऑब्जर्वेशन के लिए भेजा गया, लेकिन इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गयी.
ढाई लाख की डिमांड, 75 हजार का हुआ भुगतान
नवजात की मौत के बाद बच्चे की मां को डिस्चार्ज करने के दिन परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया. जानकारी के अनुसार, अस्पताल कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने समझौते का दबाव बनाया और मुआवजे के तौर पर ढाई लाख रुपये की मांग की. हैरान करने वाली बात यह है कि अस्पताल प्रबंधन ने अपनी गलती छिपाने के लिए मोबाइल के जरिये 75 हजार रुपये का भुगतान भी कर दिया. हालांकि, शेष पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद फिर बढ़ गया और अस्पताल में अफरातफरी मच गयी. ट्रेनी डीएसपी सौरभ ने बताया कि इस मामले में दो अलग-अलग शिकायतें मिली हैं. एक तरफ मृतक नवजात के पिता मुन्ना कुमार ने अस्पताल की लापरवाही के खिलाफ लिखित तहरीर दी है. वहीं, दूसरी तरफ राज अंजलि हॉस्पिटल की डायरेक्टर पिंकी कुमारी ने भी परिजनों पर ब्लैकमेलिंग और हंगामे को लेकर आवेदन दिया है. पुलिस ने मामले की जांच कर रही है.
