पतेड़-मंगरावां पंचायत क्षेत्र के किसानों के लिए सिंचाई के महत्वपूर्ण साधन दसईन पाइन को अतिक्रमण मुक्त कराने की दिशा में पहल शुरू की गई है. हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के गया जिला महासचिव विकाश कुमार पासवान ने लघु सिंचाई विभाग के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर पाइन की वर्तमान स्थिति और किसानों की समस्याओं पर चर्चा की. इसके बाद विभागीय पदाधिकारियों के साथ क्षेत्र का स्थल निरीक्षण किया गया.
दसईन पाइन की स्थिति का लिया गया जायजा
स्थल निरीक्षण के दौरान पतेड़-मंगरावां, बाजीतपुर, कधरिया, चन्दसाढ़ और सैदपुर क्षेत्र से होकर गुजरने वाली दसईन पाइन की स्थिति का जायजा लिया गया. विभागीय निरीक्षण में पाइन के करीब 70 प्रतिशत हिस्से पर अतिक्रमण पाए जाने की बात सामने आई है. अतिक्रमण के कारण पाइन की जलधारण और जल प्रवाह क्षमता प्रभावित हो रही है.
सिंचाई प्रभावित होने से किसानों की बढ़ी परेशानी
दसईन पाइन में अतिक्रमण के कारण पानी के प्रवाह पर असर पड़ रहा है. इससे आसपास के किसानों को सिंचाई की समस्या का सामना करना पड़ रहा है. किसानों के लिए महत्वपूर्ण सिंचाई साधन होने के कारण पाइन की स्थिति को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंता जताई जा रही है.
अतिक्रमण हटाने के लिए सीओ को भेजा गया पत्र
दसईन पाइन को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई के लिए 3 सितंबर को वजीरगंज और टनकुप्पा के अंचलाधिकारी को पत्र भेजा गया है. पत्र में पाइन की भूमि का आवश्यक सीमांकन कराने का अनुरोध किया गया है. सीमांकन के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने की मांग की गई है.
सीमांकन के बाद आगे बढ़ेगी कार्रवाई
विभागीय स्तर से अंचलाधिकारियों को पत्र भेजे जाने के बाद अब प्रशासनिक कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है. पाइन की भूमि का सीमांकन होने के बाद अतिक्रमण की स्थिति स्पष्ट होगी और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकेगी.
किसानों के हित में जारी रहेगा प्रयास
विकाश कुमार पासवान ने कहा कि दसईन पाइन आसपास के कई गांवों के किसानों के लिए सिंचाई का महत्वपूर्ण माध्यम है. लंबे समय से अतिक्रमण के कारण पाइन की स्थिति प्रभावित है, जिसका सीधा असर खेती-किसानी पर पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि पाइन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन और संबंधित विभाग से लगातार समन्वय कर कार्रवाई की मांग की जाएगी.
सिंचाई व्यवस्था बेहतर होने की जगी उम्मीद
दसईन पाइन को अतिक्रमण मुक्त कराने की पहल से क्षेत्र के किसानों को सिंचाई व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है. किसानों के हित में यह प्रयास आगे भी जारी रखने की बात कही गई है, ताकि पाइन की वास्तविक स्थिति बहाल हो सके और क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था में सुधार हो सके.
