CUSB Scholar Kumari Palak : बोधगया स्थित दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) की पीएचडी शोधार्थी कुमारी पलक ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय और बिहार का मान बढ़ाया है. उन्होंने हांगकांग में आयोजित पांचवें एशियन इकोनॉमिक डेवलपमेंट कॉन्फ्रेंस 2026 में शानदार तरीके से अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया है. इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय और पूरे राज्य के शिक्षा जगत में खुशी की लहर है.
हांगकांग यूनिवर्सिटी में हुआ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन
चीन के हांगकांग स्थित हांगकांग यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (एचकेयूएसटी) में इस प्रतिष्ठित सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया था. एशियन डेवलपमेंट बैंक, एशियन डेवलपमेंट बैंक इंस्टीट्यूट और एचकेयूएसटी ने संयुक्त रूप से इस कार्यक्रम की सफल मेजबानी की. कुमारी पलक ने आर्थिक अध्ययन एवं नीति विभाग का प्रतिनिधित्व करते हुए इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई.
महिलाओं में एनीमिया के विषय पर प्रस्तुत किया शोध
सम्मेलन के जेंडर एंड वेल-बीइंग सत्र में पलक ने भारत के कोयला उत्पादक जिलों में महिलाओं में एनीमिया विषय पर अपना शोध पत्र पेश किया. उन्होंने इसे संसाधन अभिशाप के एक स्थानीय स्वास्थ्य पहलू के रूप में विश्व भर के अर्थशास्त्रियों के सामने रखा. इसके अलावा उन्होंने वियतनाम में अनिवार्य मैटरनिटी लीव के प्रभाव से जुड़े एक अन्य शोध पत्र पर डिस्कसेंट के रूप में भी बेहतरीन भूमिका निभाई.
कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच केवल 11 प्रतिशत का हुआ चयन
विश्वविद्यालय के पीआरओ मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि इस सम्मेलन में शोध पत्रों के चयन की प्रक्रिया काफी कठोर और प्रतिस्पर्धी थी. दुनिया भर से आए बड़ी संख्या में शोध पत्रों में से केवल 11 प्रतिशत को ही प्रस्तुतीकरण के लिए चुना गया था. पलक का इस कड़े चयन को पार करना उनके शोध कार्य की उच्च गुणवत्ता और प्रासंगिकता को साफ तौर पर दर्शाता है.
कुलपति और प्राध्यापकों ने दी शानदार उपलब्धि पर बधाई
इस अंतरराष्ट्रीय सफलता पर सीयूएसबी के कुलपति प्रो कामेश्वर नाथ सिंह ने कुमारी पलक और उनके शोध पर्यवेक्षक डॉ अबोध कुमार को विशेष रूप से बधाई दी है. कुलसचिव प्रो नरेंद्र कुमार राणा और विभागाध्यक्ष प्रो कृष्णन चालिल सहित सभी प्राध्यापकों ने भी इस शानदार उपलब्धि की सराहना की है. यह शोधार्थी के लिए वैश्विक अर्थशास्त्रियों और नीति निर्माताओं के साथ विचार साझा करने का एक बड़ा मंच साबित हुआ.
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बढ़ता रहेगा विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व
इस सफलता से प्रेरित होकर सीयूएसबी के अन्य छात्र और शोधार्थी भी वैश्विक स्तर पर अपने शोध कार्य प्रस्तुत करने के लिए काफी प्रोत्साहित हो रहे हैं. विश्वविद्यालय प्रशासन भविष्य में भी अपने प्रतिभाशाली छात्रों को इस तरह के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग लेने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करता रहेगा. फिलहाल विभाग में नीति निर्माण और समकालीन विकास संबंधी चुनौतियों पर गुणवत्तापूर्ण शोध पर लगातार ध्यान केंद्रित किया जा रहा है.
Also Read : गया जी : परैया में नए BEO और BDO का हुआ स्वागत, शिक्षकों को मिला गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का मंत्र
