दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) में नवप्रवेशित स्नातकोत्तर (पीजी) विद्यार्थियों के लिए आयोजित अभिमुखीकरण कार्यक्रम ‘दीक्षारंभ-2026’ में कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय रैगिंग के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना विश्वविद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की रैगिंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
इसी उद्देश्य से विश्वविद्यालय में एक समर्पित एंटी-रैगिंग टीम कार्यरत है, जो नवप्रवेशित विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय द्वारा अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की जानकारी देती है तथा उन्हें किसी भी प्रकार की रैगिंग गतिविधि में शामिल न होने के लिए सचेत करती है.
ये बातें दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के कुलपति प्रो कामेश्वर नाथ सिंह ने नवप्रवेशित स्नातकोत्तर (पीजी) विद्यार्थियों के लिए आयोजित अभिमुखीकरण कार्यक्रम ‘दीक्षारंभ-2026’ के संरक्षक के रूप में कही.
प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सभी 18 सदस्य रहे उपस्थित
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय का प्रॉक्टोरियल बोर्ड परिसर में विद्यार्थियों के अनुशासन को बनाये रखने और सुनिश्चित करने के लिए मुख्य रूप से उत्तरदायी है. इसके अतिरिक्त परिसर में यातायात व्यवस्था तथा समग्र सुरक्षा की जिम्मेदारी भी इसी बोर्ड के अधीन है.
अभिमुखीकरण कार्यक्रम में प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सभी 18 सदस्य उपस्थित रहे. इनमें मुख्य प्रॉक्टर प्रो प्रणव कुमार, उप-प्रॉक्टर डॉ मंगलेश कुमार मंगलम तथा सहायक प्रॉक्टर डॉ जावेद अहसन, डॉ अबोध कुमार, डॉ अनुज लुगुन, डॉ गौरव कुमार सिंह, डॉ पूनम कुमारी, डॉ विभास चंद्र मोहंता, डॉ मौनी रॉय, डॉ प्रणव त्रिपाठी, डॉ प्रज्ञा गुप्ता, डॉ रोहित कुमार, डॉ चंदना सुबा, डॉ पंकज कुमार राय, डॉ संतोष बी कोराव, डॉ पावस कुमार, डॉ संदीप कुमार मौर्य तथा डॉ अनुज कुमार सिंह शामिल थे.
उप-प्रॉक्टर डॉ मंगलेश कुमार मंगलम ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के स्टूडेंट्स काउंसलिंग एंड वेल-बीइंग सेंटर की जानकारी देते हुए बताया कि यहां विद्यार्थियों के लिए मनोवैज्ञानिक परामर्श (साइकोलॉजिकल काउंसलिंग) की सुविधा उपलब्ध है.
रैगिंग में संलिप्त पाए जाने पर कठोरतम दंड का प्रावधान
जन संपर्क पदाधिकारी (पीआरओ) मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि अभिमुखीकरण कार्यक्रम के दौरान सहायक प्रॉक्टर एवं एंटी-रैगिंग प्रकोष्ठ के नोडल पदाधिकारी डॉ जावेद अहसन ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें परिसर में पालन किए जाने वाले नियमों एवं सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी.
डॉ जावेद ने विद्यार्थियों को रंग, नस्ल, धर्म, जाति, समुदाय, क्षेत्र, लिंग अथवा किसी अन्य आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव किए बिना शैक्षणिक परिसर में गरिमापूर्ण आचरण एवं व्यवहार बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर पूर्णतः सुरक्षित, संरक्षित, रैगिंग मुक्त, नशा मुक्त तथा प्लास्टिक मुक्त है. उन्होंने विद्यार्थियों से परिसर को स्वच्छ एवं हरित बनाए रखने में सक्रिय सहयोग देने का आग्रह किया.
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय रैगिंग को एक गंभीर अपराध मानता है तथा इसमें संलिप्त पाए जाने पर कठोरतम दंड का प्रावधान है. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप नियमित अभिमुखीकरण कार्यक्रमों के अतिरिक्त प्रत्येक वर्ष एंटी-रैगिंग दिवस एवं एंटी-रैगिंग सप्ताह का आयोजन किया जाता है. साथ ही, वर्षभर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ताकि विद्यार्थियों में रैगिंग के प्रति संवेदनशीलता एवं जागरूकता बढ़े. परिसर में एक सक्रिय एवं सतर्क एंटी-रैगिंग समिति तथा विभिन्न एंटी-रैगिंग स्क्वॉड निरंतर कार्यरत रहते हैं.
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