Gaya ji News : दुष्कर्म के एक मामले में अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम से संबंधित विशेष अदालत ने दोषी को 14 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने दोषी पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है.
अनुसूचित जाति/जनजाति अदालत के विशेष न्यायाधीश अभिषेक कुमार भान की अदालत ने शेरघाटी थाना क्षेत्र के रानीचक निवासी अमरेश कुमार को दोषी ठहराते हुए मंगलवार को यह सजा सुनाई.
2023 में किया था दुष्कर्म
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक अशोक चौधरी ने पैरवी की. उन्होंने बताया कि पीड़िता ने दर्ज कराई प्राथमिकी में आरोप लगाया था कि 4 मई 2023 की रात खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में सो रही थी. इसी दौरान आरोपी उसके कमरे में घुस गया और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया.
साक्ष्य व गवाहों के आधार पर सुनाई सजा
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सात गवाहों के बयान अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए. साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 14 वर्ष के सश्रम कारावास और 25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई.
