नीतीश कुमार गया को देंगे लावाबार बियर बांध की सौगात, साढ़े चार सौ एकड़ भूमि होगी सिंचित

CM Nitish Gaya Gift: सीएम नीतीश कुमार 13 फरवरी को गया आने वाले है. इसे लेकर तैयारी जोरों पर है. सीएम नीतीश इस दिन लावाबार बियर बांध का आधारशिला रखेंगे.

CM Nitish Gaya Gift, प्रमोद कुमार, बांकेबाजार (गया): सीएम नीतीश कुमार प्रगति यात्रा के दौरान गया जिले के लावाबार पंचायत में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की आगमन को लेकर पंचायत सहित पूरे प्रखंड के लोग काफी उत्साहित दिख रहे हैं. लोगों में उत्साहित होना लाजमी है, क्योंकि आजादी के बाद यह पहला मौका होगा जब बिहार के मुखिया का आगमन एक छोटे से गांव में होगा. इस क्षेत्र के लोग मुख्यमंत्री को अपने गांव में देखने के लिए बेताबी से आगामी 13 फरवरी का इंतजार कर रहे हैं. मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर लावाबार पइन के मुहाने के आसपास पिछले एक पखवारे से उत्सवी माहौल जैसा प्रतीत हो रहा है. अधिकारियों एवं पदाधिकारी सहित नेताओं का भी आगमन हर रोज हो रहा है. उनके आगमन को लेकर तैयारी पुरजोर तरीके से की जा रही है. प्रशासन द्वारा रंग-रोगन, सड़क मरम्मत, जमीन समतलीकरण, दो-दो हेलीपैड का निर्माण, बाल पेंटिंग, नल-जल की पाइप लाइन मरम्मती, बिजली के तार पोल को सुदृढ़ करना, जीविका दीदियों को मुख्यमंत्री से संवाद के लिए प्रेरित करना, पदाधिकारियों द्वारा जन समस्याओं को सुनना एवं उसका निराकरण करना सहित अन्य चीजें डेली रूटीन जैसी हो गयी है.

लावाबार बियर बांध का आधारशिला रखेंगे मुख्यमंत्री

आगामी 13 फरवरी को मुख्यमंत्री का आगमन से लावाबार एवं बीकोपुर पंचायत वासियों के लिए ऐतिहासिक दिन होगा. लावाबार सहित पूरे पंचायत के ग्रामवासी इस दिन को सुनहरे अक्षरों में लिखकर रखेंगे. क्योंकि लगभग साढ़े चार सौ एकड़ भूमि को सिंचित करने की जिम्मेवारी को समझते हुए मुख्यमंत्री लावाबार बियर बांध की आधारशिला रखेंगे.

गया बांकेबाजार, पइन का मुहाना

ग्रामीणों लगातार कर रहे थे बियर बांध के निर्माण की मांग

लावाबार एवं सोबडी के ग्रामीणों द्वारा पिछले पांच वर्ष पूर्व से इस बांध के निर्माण की मांग की जा रही थी. लघु जल संसाधन मंत्री डॉ संतोष कुमार सुमन से पहली बार नौ अप्रैल 2022 को आवेदन देकर बियर बांध निर्माण की मांग की गयी थी. उस दिन मंत्री लावाबार गांव स्थित एक निजी स्कूल के उद्घाटन में शरीक हुए थे. तभी वहां के ग्रामीण पुरजोर तरीके से इस मांग को रखा था. इसके बाद से लगातार इस मांग को ग्रामीणों द्वारा जारी रखा गया. इसका प्रतिफल बियर बांध निर्माण के रूप में मिल रहा है.

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लगभग पांच किलोमीटर लंबी है पइन

लावाबार बियर बांध का निर्माण हो जाने से लगभग साढ़े चार सौ एकड़ भूमि सिंचित होगी. वहीं लगभग पांच किलोमीटर लंबी इस पइन की बनावट भी ऐसी है कि लावाबार एवं सोबडी गांव के लगभग 90 प्रतिशत भूमि पर पानी पहुंचाया जाता है. पूर्व में भी इन दोनों गांवों में पइन के माध्यम से ही कृषि कार्य होता रहा है. इसके पूर्व में इस पइन की मरम्मती एवं बांध बनाने का कार्य तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी द्वारा 55 लाख रुपये की लागत से कराया गया था. तब से इस गांव में पइन के माध्यम से काफी पानी आता था एवं कृषि कार्य भी अच्छा हो रहा था. वर्ष 2015-16 में पइन के मुहाने के समीप ही बघौता गांव जाने वाली पुल का निर्माण कराया गया. जिसमें पुल का एक पाया मुहाना के ठीक बगल में कर दिया गया. इसके कारण पइन का मुहाना ऊंचा हो गया एवं धीरे-धीरे पइन में पानी आना बंद हो गया. तभी से ग्रामीणों द्वारा बियर बांध निर्माण की मांग की जाने लगी. जो अब पूरा होता दिख रहा है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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