Gayaji News : भारतीय शास्त्रीय संगीत, कला एवं संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन और विकास के लिए समर्पित संस्था सुर सलिला गयाजी ट्रस्ट के तत्वावधान में सोमवार को सिजुआर भवन में शास्त्रीय गायन एवं कत्थक नृत्य कार्यशाला का उद्घाटन किया गया.
कार्यक्रम का उद्घाटन भारतीय शास्त्रीय संगीत जगत के प्रतिष्ठित कलाकार पद्मभूषण पंडित साजन मिश्र ने अन्य अतिथियों महेश लाल गुप्त, प्रो. डॉ. के.के. नारायण, राजेश्वर सिंह, पंडित राजेंद्र सिजुआर, हरिश्वर सिंह एवं राम नारायण शर्मा के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर किया.
संगीत से मिलता है सुकून
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पद्मभूषण पंडित साजन मिश्र ने कहा कि कला, संस्कृति, नृत्य और संगीत ऐसी दिव्य शक्तियां हैं, जिनमें विश्व शांति स्थापित करने की क्षमता निहित है. उन्होंने कहा कि भारतीय शास्त्रीय संगीत अपनी प्राचीनता, आध्यात्मिकता और वैज्ञानिकता के कारण पूरे विश्व में सम्मानित है. वर्तमान समय में संगीत के माध्यम से स्वास्थ्य लाभ भी प्राप्त किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि भागदौड़ भरी जिंदगी में यदि वास्तविक सुकून चाहिए तो संगीत ही उसका सर्वोत्तम माध्यम है.
विभिन्न राज्य से कला साधक आएं
ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी पंडित राजेंद्र सिजुआर ने अतिथियों का स्वागत करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया. कार्यक्रम में पंजाब, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, राजस्थान समेत विभिन्न राज्यों से आए कला साधकों की विशेष उपस्थिति रही.
16 जून को होगा समापन
संस्था के अध्यक्ष ने बताया कि कार्यशाला का नियमित प्रशिक्षण 9 जून से प्रारंभ होगा. यह कार्यशाला 16 जून को विशेष सांगीतिक संध्या ‘ठुमरी के रंग- पूरब के अंग’ के साथ संपन्न होगी. इस अवसर पर पद्मभूषण पंडित साजन मिश्र, पंडित धर्मनाथ मिश्रा एवं पंडित राजेंद्र सिजुआर की जुगलबंदी की प्रस्तुति कला प्रेमियों को मंत्रमुग्ध करेगी.
