पितृपक्ष मेले से पहले बोधगया के होटलों की जांच शुरू, CCTV और फायर सेफ्टी पर पुलिस की नजर

पितृपक्ष मेला के मद्देनजर बोधगया प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए होटलों और गेस्ट हाउसों की जांच शुरू कर दी है। CCTV कैमरे और फायर एस्टिंग्यूशर जैसी सुरक्षा व्यवस्थाओं को अनिवार्य किया गया है.

Bodh Gaya Pitru Paksha Hotel Safety : पितृमुक्ति के महापर्व पितृपक्ष मेला में आने वाले देश-विदेश के पिंडदानियों व श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन काफी सतर्क है और एहतियात बरतते हुए अभी से ही तैयारी शुरू कर दी है. इसके मद्देनजर बोधगया स्थित विभिन्न होटलों व गेस्ट हाउसों की जांच शुरू की जा रही है.

सीसीटीवी कैमरे और फायर एस्टिंग्यूशर की व्यवस्था अनिवार्य

जांच अभियान के तहत होटलों में सीसीटीवी कैमरे के साथ ही फायर एस्टिंग्यूशर पर भी विशेष बल दिया जा रहा है. होटलों के इंट्री रजिस्टर व मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर आंतरिक हॉल में भी सीसीटीवी कैमरे की मुकम्मल व्यवस्था करने को कहा जा रहा है.

मानकों को पूरा करने के बाद ही मिलेगी आवासन की अनुमति

इसके अलावा छोटे-छोटे गेस्ट हाउसों में भी सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर काम शुरू कर दिया गया है. गेस्ट हाउस संचालकों को ताकीद कर दिया गया है कि पितृपक्ष मेले के दौरान अपने होटल व गेस्ट हाउसों में आवासन की व्यवस्था करने से पहले सुरक्षा व फायर के सभी मानकों को पूरा कर लिया जाए.

यात्रियों की सुरक्षा प्राथमिकता, रूट मैप भी होगा तैयार

इस संबंध में बोधगया थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि पितृपक्ष मेले में यहां ठहरने वाले देश-विदेश के यात्रियों की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए जांच के साथ निर्देश भी जारी किए जा रहे हैं.

Also Read : भोजपुर : स्कॉर्पियो में खेल-खेल में घुसा 5 साल का मासूम, अंदर से लॉक हुई गाड़ी; दम घुटने से मौत

उन्होंने बताया कि मेले के दौरान काफी संख्या में पिंडदानी यहां स्थित होटल, गेस्ट हाउस व निगमा मोनास्टरी में भी प्रवास करते हैं. इस कारण सुरक्षा को लेकर विशेष एहतियात बरती जा रही है, जिसके साथ ही यहां की यातायात व्यवस्था को लेकर भी रूट मैप तैयार करने को कहा गया है.

बोधगया के होटलों में भी ठहरते हैं पिंडदानी,

उल्लेखनीय है कि पितृपक्ष मेला के दौरान गया जी शहर स्थित विभिन्न धर्मशालाओं और होटलों के साथ ही बोधगया स्थित होटल व गेस्ट हाउसों में भी पिछले कुछ वर्षों से बहुतायात की संख्या में पिंडदानी ठहरते हैं. इसके लिए संवास सदन की ओर से होटल संचालकों का पंजीकरण भी कराया जाता है.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By कलेंद्र प्रताप सिंह

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >