बोधगया में निरंजना नदी के दलदल में फंसे युवक का शव बरामद, 24 घंटे से तलाश कर रही थी SDRF की टीम

Bodh Gaya Niranjana River Incident : बोधगया में निरंजना नदी में नहाने गए युवक वीरेंद्र मांझी की बालू के दलदल में फंसने से दर्दनाक मौत हो गई. 24 घंटे की मशक्कत के बाद SDRF टीम ने शव बरामद किया. परिजनों को मुआवजे का आश्वासन दिया गया है.

Bodh Gaya Niranjana River Incident : बोधगया के निरंजना नदी में शनिवार की दोपहर नहाने गए नेवतापुर के वीरेंद्र मांझी बालू उठाव के बाद बने गड्ढे के दलदल में फंस गए थे. शनिवार की देर शाम तक उनके शव को बरामद करने की कोशिश की गई, लेकिन नहीं मिल सका. इसके बाद रविवार की सुबह एक बार फिर से एसडीआरएफ ( SDRF ) की टीम ने शव की तलाश शुरू की और 12 बजे तक वीरेंद्र मांझी की लाश को बरामद कर लिया .

शव बरामद होते ही मचा कोहराम और सड़क जाम

शव बरामद होते ही उसके परिजनों में चीत्कार मच गया. हालांकि, भारी संख्या में मौजूद पुलिसकर्मी व अन्य लोगों ने स्थिति को नियंत्रित किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल अस्पताल भेजा गया. गौरतलब है कि शनिवार की दोपहर अपने चार दोस्तों के साथ वीरेंद्र मांझी नदी में नहाने गए थे.

रिवर साइड रोड पर जमा लोगों की भीड़

इसी दौरान वह बालू उठाव के कारण बने गड्ढे के बालू के दलदल में फंस गए. उनके तीन दोस्त वहां से भाग खड़े हुए और इसकी सूचना भी तत्काल रूप से नहीं दी.

लेकिन, कुछ देर बाद इसकी भनक लगी और टोले के कई लोग वीरेंद्र मांझी को पानी से बाहर निकालने के लिए ढूंढने लगे. लेकिन, देर शाम तक नहीं मिला. आक्रोशित लोगों ने गया-बोधगया रिवर साइड रोड को भी करीब डेढ़ घंटे से ज्यादा देर तक जाम रखा.

एसडीआरएफ की कार्रवाई और शव बरामदगी

लोगों के समझाने-बुझाने पर जाम हटाया गया था और रविवार की सुबह से ही टीम नदी में शव को बरामद करने में जुटी रही. 12 बजे तक उनके शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल अस्पताल भेजा गया है.

रोते-बिलखते परिजन

प्रशासन द्वारा मुआवजे का आश्वासन

बोधगया सीओ ने तत्काल पारिवारिक लाभ योजना के तहत 21 हजार रुपये के साथ आपदा प्रबंधन के तहत चार लाख रुपये उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया.

नहाने के दौरान बालू के दलदल में कैसे फंसा युवक

मिली जानकारी के अनुसार 18 वर्षीय वीरेंद्र मांझी अपने तीन दोस्तों के साथ नदी में स्नान करने गया था. इसी दौरान पिछले दिनों नदी से हुए बालू उठाव के कारण बने बड़े गड्ढे के दलदल में वह फंस गया और पानी से बाहर नहीं निकला.

Also Read : PHOTOS : सिलाव के खाजा से गिरियक के राजभोग तक, पांच तस्वीरों में जानिए नालंदा की 5 मशहूर मिठाइयों की खासियत

इसके बाद उसके साथ रहे तीनों दोस्त वहां से भाग खड़े हुए. उन्होंने इसकी जानकारी भी उसके घर वालों को नहीं दी. कुछ देर के बाद किसी तरह नेवतापुर महादलित टोला के लोगों को इस बात का पता चला और उसके बाद ललन मांझी सहित अन्य कई लोग उसे निकालने के लिए पानी में उतरे.

Also Read : खाना नहीं मिलने पर 75 वर्षीय पति ने पत्नी की चाकू से हत्या की, थाने पहुंचकर बोला-मुझे फांसी दीजिए

ललन मांझी की बाल-बाल बची जान

हालांकि, इस दौरान ललन मांझी भी उस दलदल में डूबने लगे, तब मौजूद महिलाओं ने साड़ी फेंककर ललन मांझी को पानी से बाहर निकाला. लेकिन, वीरेंद्र मांझी का पता नहीं चला.

सड़क जाम और पुलिस प्रशासन की मशक्कत

इसके बाद लोगों ने सड़क जाम कर दिया. बोधगया थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह व अन्य अधिकारी दलबल के साथ सड़क जाम हटाने में जुटे रहे. उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी.

Also Read : बोधगया : निरंजना नदी में 18 वर्षीय युवक डूबा, लोगों ने रिवर साइड रोड जाम कर जताया आक्रोश, तलाश में जुटी SDRF की टीम

सड़क जाम के दौरान लोगों ने सड़क पर टायर व अन्य सामग्री रखकर आगजनी भी की. इस कारण गया-बोधगया रिवर साइड रोड में गाड़ियों की लंबी कतार लगी रही. देशी-विदेशी श्रद्धालु सहित अन्य इसमें फंसे रहे.

निरंजना नदी में युवक के डूबने के बाद लोगों ने सड़क जाम कर की आगजनी

पहले भी हो चुकी है कई घटनाएं

बता दें कि दो दिन पहले भी हथियार गांव के सामने एक युवक की गड्ढे में बने दलदल में फंसने से मौत हो गई थी. पिछले साल भी इस तरह की कई घटनाएं घट चुकी हैं.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Kalendra pratap singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >