पांच साल से बोधगया में भवनों का नक्शा पास नहीं, निर्माण कार्य पर लगा ब्रेक

पिछले पांच सालों से बोधगया में नए भवनों के निर्माण के लिए नक्शा पारित नहीं हो पा रहा है. इस गंभीर समस्या का असर न केवल भवन निर्माण कराने वालों पर पड़ रहा है, बल्कि पूरे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति, बैंकों के कारोबार और जमीन की खरीद-बिक्री पर भी पड़ रहा है. होटल एसोसिएशन ने अविलंब समाधान की मांग की है.

बोधगया नगर पर्षद क्षेत्र में नये भवनों के निर्माण के लिए नक्शा पारित नहीं हो पा रहा है. यह व्यवस्था वर्ष 2020 से ही बंद है. भवन निर्माण के लिए नक्शा स्वीकृत न होने का खामियाजा भवन निर्माण कराने वाले लोगों को भुगतना ही पड़ रहा है, साथ ही इसका प्रतिकूल असर पूरे बोधगया की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ रहा है.

नक्शा पास न होने के कारण बोधगया में बड़े प्रोजेक्ट जैसे होटल, मॉल और हॉस्पिटल के साथ-साथ निजी मकानों का निर्माण भी नहीं हो पा रहा है. इसका सीधा असर यह हो रहा है कि क्षेत्र में नया निवेश पूरी तरह से रुक गया है. निर्माण कार्य ठप रहने से इससे जुड़े कामगारों, मजदूरों और निर्माण सामग्रियों की बिक्री पर बुरा असर पड़ा है.

बैंकों के कारोबार पर भी पड़ रहा प्रतिकूल असर

नये भवनों के लिए नक्शा पारित नहीं होने का प्रभाव यह हुआ है कि बैंकों से हाउस लोन की प्रक्रिया भी ठप पड़ गई है. बिना स्वीकृत नक्शे के बैंक किसी भी व्यक्ति को हाउस लोन निर्गत नहीं कर सकते हैं.

इस संबंध में बोधगया स्थित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की शाखा प्रबंधक आकिंचन सिन्हा ने बताया कि बोधगया के कुछ क्षेत्रों में जमीन की रजिस्ट्री पर रोक के साथ-साथ नये भवनों के निर्माण का नक्शा पास न होने से हाउस लोन की प्रक्रिया फिलहाल ठप है. उन्होंने स्वीकार किया कि इससे बैंक का कारोबार और आमदनी प्रभावित हो रही है.

जमीन की खरीद-बिक्री की गति पड़ी धीमी

नये भवनों के निर्माण पर असमंजस होने के कारण फिलहाल क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री की गति भी काफी धीमी हो गई है. लोग घर बनाने के उद्देश्य से जमीन की खरीदारी इसलिए नहीं कर रहे हैं, क्योंकि नक्शा पास न होने से उन्हें बैंकों से लोन नहीं मिल पाएगा. स्थिति यह है कि जमीन बेचकर अपनी जरूरी जरूरतों को पूरा करने वाले लोगों के सामने भी संकट खड़ा हो गया है.

इस संबंध में होटल एसोसिएशन बोधगया के अध्यक्ष जय सिंह ने बताया कि पिछले पांच वर्षों से बोधगया नगर क्षेत्र में भवन निर्माण के लिए नक्शा पारित न होने से इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में पिछड़ने के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. हालांकि, कुछ लोग बिना इजाजत के ही घरों का निर्माण करा रहे हैं, जो पूरी तरह अवैध है. उन्होंने सरकार और स्थानीय निकाय प्रशासन से इस दिशा में तुरंत ध्यान देने की मांग की है.

Also Read : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भरत तिवारी के परिवार से की मुलाकात, कहा- मिलेगा न्याय


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Kalendra pratap singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >