गया में प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही, युवती की निकाली दोनों ओवरी, हालत गंभीर

परिजन बच्ची को लेकर मगध मेडिकल पहुंचे. यहां सर्जरी विभाग के वरीय चिकित्सक डॉ केके सिन्हा ने बताया कि बच्ची के दोनों ओवरी को किसी भी हालत में नहीं निकालना चाहिए था. ऑपरेशन के दौरान बरती गयी लापरवाही के कारण बच्ची के पेट में खून भी जमा रह गया है.

गया. एक तरह से बच्ची का जीवन बर्बाद करने में ऑपरेशन करनेवाले प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर ने कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी. बच्ची का ऑपरेशन कर दोनों ओवरी ( अंडाशय ) को निकाल दिये. बच्ची अब जीवन मौत से मगध मेडिकल के सर्जरी विभाग में जंग लड़ रही है. जिले के एक गांव की रहने वाली 17 वर्षीय युवती को पेट दर्द की शिकायत पर डॉक्टरों के पास परिजन ने दिखाया. डॉक्टरों की सलाह पर परिजन नवादा के एक डॉक्टर के यहां इलाज कराने पहुंचे. वहां मौजूद डॉक्टर ने अंदरूनी बीमारी होने के कारण ऑपरेशन की जरूरत बतायी.

परिजन ने बच्ची की हालत को देखते हुए स्वीकृति दे दी. उसके बाद डॉक्टर ने ऑपरेशन कर दोनों ओवरी को निकाल दिया. इसके बाद भी मरीज की हालत में कोई सुधार नहीं आया. परिजन बच्ची को लेकर मगध मेडिकल पहुंचे. यहां सर्जरी विभाग के वरीय चिकित्सक डॉ केके सिन्हा ने बताया कि बच्ची के दोनों ओवरी को किसी भी हालत में नहीं निकालना चाहिए था. ऑपरेशन के दौरान बरती गयी लापरवाही के कारण बच्ची के पेट में खून भी जमा रह गया है.

उन्होंने बताया कि बच्ची को सात मार्च को गाइनो में भर्ती कराया गया. लेकिन, उसकी हालत को देखते हुए सर्जरी में ट्रांसफर कर दिया गया. बच्ची का हीमोग्लोबिन कम होने के कारण उसे ब्लड चढ़ाया गया है और कुछ दिन में धीरे-धीरे ब्लड चढ़ाया जायेगा. बच्ची का एक बार और ऑपरेशन किया जायेगा, ताकि पेट में जमे खून के थक्के को निकाला जा सके. फिलहाल बच्ची की हालत में पहले से सुधार है. उन्होंने कहा कि किसी तरह के इलाज के समय पूरी तरह जांच परख कर ही कराना उचित होता है.

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Published by: Prabhat khabar news desk

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