Chanakya Niti: सफल इंसान जानबूझकर इन 5 जगहों पर कभी नहीं रखता कदम! जीवन में लाना है बदलाव तो आप भी जानें
Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में कुछ ऐसी जगहों का जिक्र किया है, जहां एक सफल इंसान जीवन में कभी भी कदम नहीं रखता. इस आर्टिकल में हम आपको उन्हीं जगहों के बारे में बताएंगे, ताकि जीवन में सफलता हासिल करना आपके लिए आसान हो सके और आप एक बेहतर इंसान भी बन सकें.
Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य को अपने समय के सबसे ज्ञानी और बुद्धिमान पुरुष के तौर पर भी जाना जाता है. वे सिर्फ एक महान पॉलिटिशियन और शिक्षक ही नहीं थे बल्कि मानव स्वभाव की भी उन्हें काफी गहराई से समझ थी. आचार्य चाणक्य ने जिन भी बातों का जिक्र किया था वे आज के समय में भी हमें एक सही रास्ता दिखाने का काम करते हैं. आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जीवन में सफलता सिर्फ मेहनत से नहीं मिलती बल्कि उनकी समझ, जीवन में फैसले लेने की काबिलियत और सही जगह पर सही तरीके से व्यवहार करने से मिलती है. अपनी नीतियों में आचार्य चाणक्य ने कुछ ऐसी जगहों का भी जिक्र किया है जिनसे वह इंसान हमेशा दूरी बनाकर रखता है जो जीवन में आगे बढ़ना और सफल होना चाहता है. आज इस आर्टिकल में हम आपको इन्हीं जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं जहां पर एक सफल इंसान जीवन में कभी भी अपने पैर नहीं रखता है.
बुरे लोगों की संगत
अपनी नीतियों में आचार्य चाणक्य ने कहा है कि इंसान जैसी संगति में रहना शुरू करता है जीवन में आगे चलकर वैसा ही बन जाता है. एक सफल व्यक्ति जीवन में कभी भी लालची, ईर्ष्यालु, झूठे और निगेटिव लोगों के बीच ज्यादा समय नहीं बिताता. आचार्य चाणक्य कहते हैं कि इस तरह की जो संगति होती है वह किसी भी इंसान को अंदर से कमजोर बनाती है और एक गलत रास्ते पर ले जाती है. एक सफल इंसान हमेशा ही उन लोगों के साथ समय बिताता है जिनकी सोच अच्छी हो, मेहनती हों और साथ ही काफी पॉजिटिव भी हों.
जहां आत्मसम्मान को पहुंचे ठेस
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि आत्मसम्मान से बड़ी कोई भी पूंजी नहीं होती है. अगर किसी भी जगह पर आत्मसम्मान को ठेस पहुंचे तो वहां पर एक सफल इंसान जीवन में कभी भी कदम नहीं रखता है. चाहे वह एक रिश्ता हो. नौकरी हो या फिर सामाजिक स्थान. अगर किसी जगह पर बार-बार आपको अपमान का सामना करना पड़ रहा है तो वहां पर आपको रुकने से हर कीमत पर बचना चाहिए. इस तरह की जगहें आपके आत्मविश्वास को कमजोर कर देते हैं.
आलस और आराम की दुनिया
आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में आलस को इंसान का सबसे बड़ा दुश्मन बताया है. उनके अनुसार एक सफल इंसान कभी भी आलस से भरी हुई जगह पर अपने कदम नहीं रखता है. हद से ज्यादा आराम, टालमटोल और काम से दूर भागने की आदत किसी भी व्यक्ति को जीवन में काफी पीछे धकेल देती है. आचार्य चाणक्य कहते हैं कि एक सफल व्यक्ति को समय की कीमत का अंदाजा होता है. इस समझ की वजह से वह मेहनत और डिसिप्लिन के साथ अपना जीवन बिताना पसंद करते हैं.
गलत काम और अधर्म का रास्ता
चाणकय नीति में हमेशा ही धर्म और नीति के रास्ते पर चलने की सलाह दी गयी है. चाणक्य कहते हैं कि एक सफल इंसान कभी भी ऐसी जगहों पर कदम नहीं रखता जहां पर गलत काम हो रहे हों, बेईमानी या फिर अनैतिक गतिविधियां हो रही हों. आचार्य चाणक्य कहते हैं कि इस तरह की जगहों पर फायदा तुरंत दिखता है लेकिन आगे चलकर आपको नुकसान होना तय होता है.
बेकार की बातें और निगेटिव सोच की जगह
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जिस जगह पर सिर्फ शिकायतें होती हों, दूसरों की बुराई की जाती हो या फिर निगेटिविटी भरी हुई हो उस जगह पर एक सफल इंसान कभी भी पैर नहीं रखता है. आचार्य चाणक्य कहते हैं कि इस तरह की जो जगहें होती हैं वे किसी भी इंसान की एनर्जी को अंदर से खत्म कर देते हैं. वे कहते हैं कि जो भी इंसान जीवन में सफल होता है वह सिर्फ समाधान पर बात करता है, जीवन में समस्याएं आने पर रोता नहीं.
Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. प्रभात खबर इसकी पुष्टि नहीं करता है.
