Gaya Ji Education News : गया जी के डोभी प्रखंड के अंगरा गांव में जर्जर मध्य विद्यालय के भवन निर्माण में लगातार हो रही देरी से नाराज ग्रामीणों ने शनिवार सुबह करीब 10 बजे गमहरिया विद्यालय में ताला जड़कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया.
पिछले कई वर्षों से टूटा-फूटा भवन बच्चों की सुरक्षा व पढ़ाई के लिए खतरा बना हुआ था, इसलिए ग्रामीणों का धैर्य पहले ही खत्म हो चुका था.
फिलहाल अंगरा विद्यालय के बच्चों का शैक्षणिक संचालन करीब सात-आठ साल से पास के गमहरिया प्राथमिक विद्यालय में किया जा रहा है, परंतु वह अंगरा गांव से करीब दो से तीन किलोमीटर दूर होने के कारण खासकर बरसाती मौसम में छोटे बच्चों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
पुरानी मांग, वोट बहिष्कार और प्रधानाध्यापक पर आरोप
ग्रामीणों ने बताया कि भवन निर्माण की मांग वर्षों से चल रही है. विधानसभा चुनाव के समय भी वे भवन न बनने पर वोट बहिष्कार का बैनर लेकर प्रदर्शन कर चुके हैं.
उस वक्त तत्कालीन शेरघाटी एसडीओ मनीष कुमार के आश्वासन मिलने पर आंदोलन रुका था, पर अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होने पर स्थानीय लोगों में रोष फिर भड़क उठा है. ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापक केदार चौधरी पर भी आरोप लगाया कि उन्होंने भवन निर्माण के प्रति अपेक्षित रुचि नहीं दिखाई और शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हुई.
डीपीओ कीवार्ता और एक सप्ताह का अल्टीमेटम
विद्यालय में ताला लगाने की सूचना मिलते ही गया शिक्षा विभाग के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) गौरव राज मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से लंबी वार्ता की. वार्ता के बाद प्रदर्शनकारियों ने ताला खोल दिया.
डीपीओ ने आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर भवन निर्माण प्रक्रिया का धरातल पर स्पष्ट संकेत दिखेगा. उन्होंने कहा कि पूर्व में दो बार विद्यालय भवन के लिए राशि स्वीकृत हुई थी, पर विभिन्न कारणों से वह वापस चली गई. अब वादों को व्यवहार में बदलने की बात कही गई है.
बुनियादी समस्याओं का मुद्दा और चेतावनी
वार्ता के दौरान ग्रामीणों ने विद्यालय की अन्य गंभीर समस्याओं को भी उठाया. बताया गया कि स्कूल में शौचालय मौजूद होने के बावजूद बच्चों को बाहर भेजा जाता है, जिससे छात्र-छात्राओं को असुविधा व असुरक्षा का सामना करना पड़ता है.
साफ-सफाई और बुनियादी सुविधाओं की कमी भी बच्चों की पढ़ाई व स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है. प्रशासन ने चिंता व्यक्त करते हुए जल्द समाधान का भरोसा दिलाया है, पर ग्रामीण एक सप्ताह का अल्टीमेटम दे चुके हैं. यदि समय सीमा में निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, तो वे स्कूल बंद कर सड़क जाम सहित उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दे रहे हैं.
स्थानीय लोग अब इंतजार कर रहे हैं कि दिए गए वादे को जमीन पर उतारा जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित व निकट विद्यालय में नियमित शिक्षा मिल सके.
