MU के इतिहास में पहली बार : गुरुआ में शुरू हुई प्राचीन शहर की खुदाई, बौद्ध और हिंदू धर्म से जुड़े मिले अहम सुराग

मगध विश्वविद्यालय ने अपने इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है. गया जिले के गुरुआ थाना क्षेत्र स्थित प्राचीन पुरातात्विक स्थल दुब्बा में शनिवार को पहली बार वैज्ञानिक पुरातात्विक उत्खनन का काम शुरू हो गया है.

गुरुआ (डॉ प्रमोद कुमार वर्मा). मगध विश्वविद्यालय (MU) ने अपने इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है. गया जिले के गुरुआ थाना क्षेत्र स्थित प्राचीन पुरातात्विक स्थल दुब्बा (भुरहा) में शनिवार को पहली बार वैज्ञानिक पुरातात्विक उत्खनन (खुदाई) का काम शुरू हो गया है. शुरुआती जांच में ही यहां प्राचीन काल में बौद्ध और हिंदू धार्मिक गतिविधियों के अहम संकेत मिले हैं, जिसने इतिहासकारों और स्थानीय लोगों की उत्सुकता बढ़ा दी है. यह पुरातात्विक स्थल लगभग एक किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है. उत्खनन निदेशक शंकर शर्मा और उनकी टीम के अनुसार, शुरुआती सर्वे में यहां कई अहम सुराग हाथ लगे हैं.

जमीन के नीचे दबे हैं प्राचीन शहर के राज

प्राचीन मूर्तियां: यहां से प्राप्त अधिकांश मूर्तियां बौद्ध स्वरूप की हैं, जो इस जगह की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता साबित करती हैं.

विकसित बसावट: ईंट से बनी संरचनाएं और जल-संरचनाओं के प्रमाण मिले हैं, जो बताते हैं कि यहां कभी एक विकसित बस्ती रही होगी.

धार्मिक केंद्र: इस जगह के प्राचीन मगध में बौद्ध और हिंदू धर्म का प्रमुख केंद्र होने के पुख्ता संकेत मिल रहे हैं.

पर्यटन के नक्शे पर चमकेगा गुरुआ

उत्खनन टीम का मानना है कि इस खुदाई से जो निष्कर्ष निकलेंगे, वे प्राचीन मगध की धार्मिक, सांस्कृतिक और रहन-सहन की परंपराओं को समझने में मील का पत्थर साबित होंगे. इसके अलावा, आने वाले समय में दुब्बा (भुरहा) को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित किया जा सकेगा.

कैसे शुरू हुआ MU का यह ऐतिहासिक प्रोजेक्ट

इस ऐतिहासिक प्रोजेक्ट के लिए MU के प्राचीन भारतीय एवं एशियाई अध्ययन विभाग ने लंबी तैयारी की थी. एरियल फोटोग्राफी, टोपोग्राफिकल अध्ययन और विस्तृत सर्वे के बाद 20 सितंबर 2025 को इसका प्रस्ताव भेजा गया था. कुलपति प्रो. शशि प्रताप शाही की अनुशंसा के बाद फरवरी 2026 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने इसे हरी झंडी दी. इस पूरी परियोजना की कमान निदेशक शंकर शर्मा और सह-निदेशक डॉ. अलका मिश्रा के हाथों में है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By PRANJAL PANDEY

PRANJAL PANDEY is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >