बारिश के मौसम में भी जिले के किसानों को धान की रोपनी के लिए प्राकृतिक बारिश का इंतजार छोड़कर मोटर व डीजल पंप सेट का सहारा लेना पड़ रहा है. आषाढ़ का महीना खत्म होने में अब महज चार दिन शेष रह गए हैं और सावन का आगमन होने वाला है, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण किसान काफी मायूस नजर आ रहे हैं.
धान की रोपनी का मुख्य समय धीरे-धीरे हाथ से निकलता जा रहा है. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, अब किसानों के पास केवल 60 से 70 दिनों में पैदावार देने वाली धान की किस्मों का पौधा लगाने का ही समय बचा है.
शहर में मूसलाधार बारिश, खेतों में अब भी पानी की किल्लत
शुक्रवार को दोपहर बाद गया शहर में थोड़ी देर के लिए मध्यम से मूसलाधार बारिश हुई. इससे शहर की प्रमुख सड़कों पर पानी बहता नजर आया, लेकिन ग्रामीण इलाकों के खेतों में पानी अब भी नहीं दिख रहा है.
मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार की सुबह 8:30 बजे से शुक्रवार की सुबह 8:30 बजे तक जिले में महज 7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. शुक्रवार दोपहर हुई बारिश से गया शहर की सड़कों पर भारी जलजमाव हो गया, जिससे लगभग एक घंटे तक आवागमन बुरी तरह प्रभावित रहा.
शनिवार को 'येलो अलर्ट' जारी
शुक्रवार को गया का अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, शनिवार को जिले में 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है.
आसमान में काले बादल छाए रहने के साथ-साथ मेघ गर्जन, वज्रपात (ठनका गिरना) और हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है.
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