अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) गया महानगर के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को गया कॉलेज के प्राचार्य से मुलाकात कर कॉलेज में सभी छात्र-छात्राओं के लिए इंटर्नशिप पूरी तरह निशुल्क कराने की मांग की.
परिषद ने इंटर्नशिप के नाम पर छात्रों से 500 रुपये अतिरिक्त शुल्क लिए जाने का विरोध करते हुए इसे छात्र विरोधी और अनुचित बताया.
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इंटर्नशिप विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम का अनिवार्य हिस्सा है. जब नामांकन के समय छात्र-छात्राएं सभी निर्धारित शुल्क जमा कर चुके होते हैं, तब इंटर्नशिप की व्यवस्था करना कॉलेज की जिम्मेदारी है. निजी कंपनियों व एजेंसियों के माध्यम से अतिरिक्त शुल्क वसूलकर छात्रों पर आर्थिक बोझ डालना शिक्षा के व्यवसायीकरण को बढ़ावा देता है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है.
छात्रों का आर्थिक शोषण बर्दाश्त नहीं करेगी एबीवीपी
जिला संयोजक विनायक कुमार ने कहा कि विद्यार्थी परिषद किसी भी परिस्थिति में छात्रों का आर्थिक शोषण बर्दाश्त नहीं करेगी. उन्होंने कहा कि इंटर्नशिप शिक्षा का अभिन्न हिस्सा है, इसलिए इसके लिए अलग से शुल्क लेना पूरी तरह अनुचित है.
महानगर मंत्री आदित्य मिश्रा ने कहा कि इंटर्नशिप के नाम पर ली जा रही अतिरिक्त राशि तत्काल बंद की जाए.
निष्पक्ष जांच और चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी
छात्र नेता सूरज सिंह ने आरोप लगाया कि इंटर्नशिप के नाम पर छात्रों से अतिरिक्त शुल्क लेना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है. उन्होंने दावा किया कि राजभवन द्वारा इंटर्नशिप को निशुल्क कराने संबंधी निर्देश जारी किए जाने के बावजूद शुल्क लिया जा रहा है.
उन्होंने इस प्रक्रिया में अनियमितता की आशंका जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की. सूरज सिंह ने चेतावनी दी कि यदि इंटर्नशिप के नाम पर अतिरिक्त शुल्क वसूली तत्काल बंद नहीं की गई तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद चरणबद्ध छात्र आंदोलन शुरू करेगी.
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