मंगोलिया राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव पहुंचे बोधगया

मंगोलिया राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव पहुंचे बोधगया फोटो- बोधगया- 04- एयरपोर्ट से निकलते मंगोलिया राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव व उनकी टीम.फोटो- बोधगया-05- महाबोधि मंदिर परिसर में भ्रमण करते राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव व उनकी टीम.वरीय संवाददाता 4 बोधगयाराष्ट्रीय सुरक्षा परिषद, मंगाेलिया के सचिव एचइटी एनख्टूविसीन सहित 10 उच्चस्तरीय शिष्टमंडल गुरुवार को एयर […]

मंगोलिया राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव पहुंचे बोधगया फोटो- बोधगया- 04- एयरपोर्ट से निकलते मंगोलिया राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव व उनकी टीम.फोटो- बोधगया-05- महाबोधि मंदिर परिसर में भ्रमण करते राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव व उनकी टीम.वरीय संवाददाता 4 बोधगयाराष्ट्रीय सुरक्षा परिषद, मंगाेलिया के सचिव एचइटी एनख्टूविसीन सहित 10 उच्चस्तरीय शिष्टमंडल गुरुवार को एयर इंडिया की फ्लाइट से गया एयरपोर्ट पर उतरा. मंगोलियाई शिष्टमंडल का एयरपोर्ट डायरेक्टर दिलीप कुमार व बोधगया नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार ने स्वागत किया. कड़ी सुरक्षा के बीच शिष्टमंडल बोधगया पहुंचा, जहां होटल महाबोधि में विश्राम किया और शाम में महाबोधि मंदिर का भ्रमण भी किया. इस दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद, मंगाेलिया के सचिव व अन्य सदस्यों ने मंदिर के गर्भगृह में पूजा-अर्चना की और पवित्र बोधिवृक्ष का नमन किया. इस दौरान मंगोलिया मठ से जुड़े सदस्यों ने शिष्टमंडल को महाबोध मंदिर के बारे में जानकारी दी. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, शिष्टमंडल शुक्रवार की शाम एयरपोर्ट से ही नयी दिल्ली के लिए रवाना होगा. डीएम के आदेश का हुआ उल्लंघनमंगोलियाई शिष्टमंडल की सुरक्षा को लेकर केंद्र व बिहार के कई विभागों के वरीय अधिकारियों ने गंभीरता दिखायी थी. मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार सरकार के राज्य नयाचार पदाधिकारी व पुलिस अधीक्षक (सुरक्षा) विशेष शाखा ने डीएम कुमार रवि को संदेश भेजा था कि उक्त शिष्टमंडल में डीएफ सुरक्षा श्रेणी के सुरक्षित व्यक्ति भी हैं. इसके बाद डीएम ने शिष्टमंडल की सुरक्षा को लेकर बोधगया डीएसपी रविशंकर प्रसाद, डीएसपी (विधि-व्यवस्था) सतीश कुमार व एस्कॉट पार्टी में पुलिस केंद्र के परिचारी प्रवर यूनिस खान सहित लाइजनिंग ऑफिसर के रूप में बोधगया नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार की ड्यूटी लगायी थी. लेकिन, इनमें से कई अधिकारियों ने डीएम के आदेश का उल्लंघन करते हुए अपनी ड्यूटी नहीं निभायी. मंगोलियाई शिष्टमंडल को गया एयरपोर्ट पर पहुंचने के दौरान सिर्फ एक ऑफिसर ही एयरपोर्ट पर नजर आये. अब इसे मंगोलिया के शिष्टमंडल की सुरक्षा में चूक कहा जाये या अधिकारियों की व्यस्तता. अगर वे वर्कलोड के कारण मंगोलियाई शिष्टमंडल की सुरक्षा में शामिल नहीं हो सके, तो उनके स्थान पर दूसरे अधिकारियों की ड्यूटी लगानी चाहिए थी. अगर इस दौरान कोई हादसा हो जाता, तो इसकी जिम्मेवारी किसकी होगा?

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