सीनेट की बैठक के लिए जिम्मेवारियां तय फोटो- बोधगया-03- अपने कार्यालय में बैठक करते कुलपति प्रो (डॉ) मोहम्मद इश्तियाक. साथ हैं (दायें से) प्रोक्टर डॉ नंदकुमार यादव, सीसीडीसी प्रो उपेंद्रनाथ वर्मा सहित अन्य अधिकारी.10 अप्रैल को राजगीर में होगी एमयू की सीनेट की बैठक, राज्यपाल भी होंगे शामिलसीनेट की बैठक को लेकर कुलपति ने अधिकारियों को दिये कई जरूरी निर्देश वरीय संवाददाता 4 बोधगयामगध विश्वविद्यालय (एमयू) की सीनेट की बैठक राज्यपाल सह कुलाधिपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में 10 अप्रैल को राजगीर स्थित कन्वेंशन हॉल में होगी. इसकी तैयारियों को लेकर गुरुवार को कुलपति प्रो (डॉ) मोहम्मद इश्तियाक ने अपने कार्यालय में एमयू के प्रमुख अधिकारियों के साथ बैठक की. इसमें सीनेट की बैठक को सफल बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये और अधिकारियों के बीच कामकाज का बंटवारा भी किया गया. बैठक में कुलपति ने कहा कि राजगीर स्थित कन्वेंशन हॉल में सीनेट की बैठक कराने के लिए नालंदा डीएम से अनुमति ले ली गयी है. साथ ही सुरक्षा को लेकर नालंदा डीएम व एसपी ने पर्याप्त प्रबंध करने का आश्वासन दिया है. कुलपति ने बताया कि एमयू की सुरक्षा में लगे करीब 20 सुरक्षाकर्मियों को भी वहां लगाया जायेगा. इसके अलावा स्थानीय स्तर पर बिहारशरीफ में स्थित एमयू कार्यालय के प्रभारी रिटायर्ड प्रो एसएन सिंह को भी मॉनीटरिंग करने की जिम्मेवारी दी गयी है. इस दौरान मौजूद रजिस्ट्रार डॉ सीताराम सिंह, प्रोक्टर डॉ नंदकुमार यादव, सीसीडीसी प्रो उपेंद्रनाथ वर्मा, परीक्षा नियंत्रक डॉ इसराइल खां व प्रो कुसुम कुमारी सहित अन्य अधिकारियों ने अपने-अपने सुझाव भी रखें. इधर, एमयू परिसर के बजाय राजगीर में सीनेट की बैठक आयोजित करने के सवाल पर कुलपति ने प्रभात खबर को बताया कि प्रमुख बैठकें पहले भी एमयू परिसर से बाहर ही होती रही हैं. राजगीर में सीनेट की बैठक कराने का निर्णय लेने से पहले गवर्नर सह कुलाधिपति के प्रधान सचिव से विचार-विमर्श किया गया. प्रधान सचिव ने कहा था कि शैक्षणिक दृष्टिकोण से राजगीर का इलाका मगध विश्वविद्यालय के अधीन आता है, तो वहां सीनेट की बैठक हो सकती है. कुलपति ने यह भी बताया कि हाल के दिनों में मौसम में आये बदलाव व सीनेट के अधिकतर सदस्यों के पटना से जुड़े होने व पिछले साल एमयू में हुई बैठक के दौरान छात्र यूनियनों से जुड़े छात्रों द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में हंगामा व तोड़-फोड़ किये जाने के कारण इस साल सीनेट की बैठक राजगीर में कराने का निर्णय लिया गया. एमयू में बैठक कराने के लिए कई प्रकार के संसाधनों को लगाना पड़ता. लेकिन, राजगीर स्थित सरकारी कन्वेंशन हॉल में सभी संसाधन मौजूद हैं. शिष्य-गुरु संबंध की गरिमा बनाये रखें छात्र : कुलपतिकुलपति ने बताया कि पिछले वर्ष 12 अप्रैल को हुई सीनेट की बैठक में छात्र यूनियनों से जुड़े छात्रों ने जमकर हंगामा किया था और एमयू परिसर में तोड़-फोड़ भी की थी, जिससे एमयू को करीब 15 लाख रुपये का नुकसान हुआ था. छात्र यूनियन से जुड़े युवा लीडर बनने की फिराक में ऐसी बैठकों में हंगामा करते हैं. लेकिन, सीनेट जैसी हायर बॉडी कह बैठकों में हंगामा करना अच्छी बात नहीं है. अगर किसी छात्र यूनियन को किसी बात को लेकर शिकायत है, तो वह उनसे मिलकर अपनी बात रख सकती है. लेकिन, छात्र यूनियन के सदस्यों में भी सामंजस्य का अभाव रहता है. एक पक्ष किसी बिंदु का समर्थन करता है, तो दूसरा पक्ष उसका विरोध करता है. ऐसी स्थिति में एमयू उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं ले पाता है. हंगामा व तोड़-फोड़ के जरिये अपनी बात रखना गलत है. यूनियन में शामिल छात्र गुरु-शिष्य संबंध की गरिमा को गिरा देते हैं. कुलपति ने बताया कि अगर एमयू व उसके छात्रों के बेहतर भविष्य से जुड़े सुझाव हो, तो वे उसका स्वागत करते हैं. 12 व 13 अप्रैल को उनका दफ्तर खुला रहेगा. छात्र यूनियन से जुड़े कोई भी छात्र वहां आकर एमयू व छात्रहित से संबंधित अपनी बात बेहिचक रख सकते हैं. प्रमुखता के आधार पर उनकी मांगों को निबटाया जायेगा.
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